जानिए बर्लिन ट्रक हमले के संदिग्ध अनीस आमरी के बारे में

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Image caption अनीस आमरी की एक पुरानी तस्वीर जारी की गई है

बर्लिन ट्रक हमले का संदिग्ध बताए जा रहे एक ट्यूनीशियाई शरणार्थी युवक के बारे में ख़बरें आ रही हैं कि जर्मनी की पुलिस ने कहा है कि उन पर इस साल नज़र रखी जा रही थी, लेकिन सबूतों के अभाव में ये निगरानी रोक दी गई.

अनीस आमरी की इस संदेह के बाद निगरानी शुरू की गई थी कि वो शायद बंदूकें ख़रीदने के लिए लूट की योजना बना सकता था और कोई हमला कर सकता था.

हमला करनेवाले ट्रक में मिले उसके रेज़िडेंस परमिट के बाद अब पूरे यूरोप में उसकी तलाश हो रही है.

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जर्मन अधिकारियों ने सावधान किया है कि उसके पास हथियार हो सकते हैं और वो ख़तरनाक हो सकता है. उन्होंने उसे पकड़वाने के लिए जानकारी देनेवाले को एक लाख यूरो का इनाम देने की पेशकश की है.

सोमवार रात को बर्लिन के क्रिसमस बाज़ार में ये ट्रक बाज़ार में घुस गया और इसने 12 लोगों को रौंद दिया. इस घटना में 49 लोग घायल हो गए थे.

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Image caption अनीस आमरी के लिए जारी की गई नोटिस का एक फ़्रेंच संस्करण

अनीस आमरी के जर्मनी में शरण लेने की अर्ज़ी नामंज़ूर कर दी गई थी और उसे जून में वापस भेजा जाना था.

मगर ट्यूनीशिया से काग़ज़ातों के आने में देरी होने के कारण उसे जर्मनी में रहने दिया गया था.

कौन है संदिग्ध अनीस आमरी?

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Image caption ट्रक ड्राइवर लुकास अर्बन की बताई जा रही एक पुरानी तस्वीर. उसकी हत्या कर दी गई

बर्लिन हमले के मुख्य संदिग्ध का पूरा नाम पुलिस ने अनीस बिन मुस्तफ़ा बिन उथमान आमरी बताया है जो 22 दिसंबर को 24 साल का हो जाएगा.

उसका घर पूर्वी ट्यूनीशिया के शहर कैरवां से 80 किलोमीटर दूर है जहाँ से वो 2011 में नाव पर बैठ अवैध रूप से इटली चला गया.

इटली से वो जर्मनी पहुँचा जहाँ उसने इस साल अप्रैल में शरण लेने के लिए आवेदन किया.

इटली में अनीस आमरी एक स्कूल में आगज़नी के अपराध में चार साल जेल की सज़ा काट चुका है.

ट्यूनीशिया में भी बिना उसकी मौजूदगी के उसे जेल की सज़ा सुनाई गई है.

जर्मनी में निगरानी

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Image caption ट्रक हमले में 12 लोगों की मौत हो गई

जर्मनी के न्यायिक सूत्रों के अनुसार आमरी शायद पिछले साल जर्मनी पहुँचा था और बर्लिन में मार्च से सितंबर के बीच उसकी निगरानी की जा रही थी.

सुरक्षा सेवाओं को शक था कि वो ऑटोमेटिक हथियार ख़रीदने के लिए लूट की योजना बना रहा था जिनसे वो कोई हमला कर सकता था.

जर्मनी के नॉर्थ राइन-वेस्टफ़ैलिया राज्य के गृहमंत्री राल्फ़ जेगर ने बताया कि अनीस आमरी पर एक हमले की तैयारी करने के संदेह में नज़र रखी जा रही थी.

उन्होंने बताया कि आतंकवाद-विरोधी अधिकारियों ने इस साल नवंबर तक उसके बारे में जानकारियाँ बाँटी थीं और उसके बारे में संदेह था कि वो "राज्य के ख़िलाफ़ एक गंभीर हिंसक कार्रवाई" की तैयारी कर रहा था.

जर्मनी के एक अख़बार में ये भी ख़बर है कि वो एक इस्लामिक उपदेशक अहमद अब्दुलअज़ीज़ के संपर्क में आया था जिसे अबू वला कहा जाता है और जिसे नवंबर में गिरफ़्तार कर लिया गया था.

पुलिस के एक नोटिस में लिखा है कि अनीस आमरी छह अलग-अलग नामों का भी इस्तेमाल करता था और उसने कई बार ख़ुद को मिस्र या लेबनान का नागरिक बताने की भी कोशिश की.

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