'एलेप्पो पूरी तरह से सेना के नियंत्रण में'

इमेज कॉपीरइट AFP

सीरिया की सेना का कहना है कि विद्रोहियों के आख़िरी समूह के बाहर निकलने के साथ ही उसने एलेप्पो पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया है.

सेना ने एक बयान में कहा कि उसने ''एलेप्पो में सुरक्षा वापस बहाल कर दी है'' और उसने इसे विद्रोहियों के लिए 'बड़ा झटका' बताया है.

इंटरनेशनल रेडक्रॉस समिति (आईसीआरसी) ने पुष्टि की है कि ''जो नागरिक निकलना चाहते थे उन्हें निकाल लिया गया है जिनमें घायल और विद्रोही भी शामिल हैं.''

साल 2011 में हुए विद्रोह के बाद इसे राष्ट्रपति बशर अल असद के लिए अब तक की सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है.

इमेज कॉपीरइट AFP

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा था कि एलेप्पो से बीते हफ्ते के दौरान कम से कम 34,000 नागरिकों और विद्रोहियों को निकाला गया है.

पूर्वी एलेप्पो पर साल 2012 में विद्रोहियों ने कब्ज़ा कर लिया था. सीरियाई सुरक्षाबलों ने लगातार हमले करके उन्हें कुछेक हिस्सों तक सीमित कर दिया. लेकिन उन हिस्सों में आम लोग भी फंसे हुए थे जिन्हें निकालने का काम पिछले हफ्ते शुरू किया गया था.

एलेप्पो सीरिया का सबसे बड़ा शहर है जिसकी आबादी लगभग 23 लाख है. ये शहर सीरिया का औद्योगिक और वित्तीय केंद्र भी रहा है. यही वजह है कि विद्रोही और सरकारी सुरक्षाबल दोनों ही इस पर अपना नियंत्रण करना चाहते थे.

इमेज कॉपीरइट AP

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ साल 2011 में जब विद्रोह हुआ था, तब एलेप्पो में ज्यादा हलचल नहीं हुई थी लेकिन अगले ही साल यानी साल 2012 में ये शहर अचानक से युद्ध का मैदान बन गया था.

तब विद्रोही लड़ाकों ने बशर अल असद की सरकार को हटाने के लिए हमला किया था और उत्तरी सीरिया पर नियंत्रण कर लिया था. इसके बाद एलेप्पो दो हिस्सों में बंट गया था. एक हिस्से पर विद्रोहियों का जबकि दूसरे हिस्से पर सरकारी सुरक्षाबलों का नियंत्रण था.

चार साल की लड़ाई के बाद सुरक्षाबलों को सफलता इस महीने तब मिली जब उन्होंने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्रवाई की. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस दौरान कई निर्दोष नागरिक मारे गए लेकिन सीरिया की सरकार और उसका सहयोगी रूस इससे इंकार करता रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे