संयुक्त राष्ट्र के साथ संबंधों की समीक्षा होगी: इसराइल

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इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र के साथ अपने संबंधों पर दोबारा विचार करेगा.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू का ये बयान, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कब्ज़े वाले इलाक़े में इसराइली बस्तियों को ख़त्म करने संबंधी प्रस्ताव के पारित होने के बाद आया है.

संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव शर्मनाक: इसराइल

अमरीका ने इस प्रस्ताव पर वीटो नहीं किया था और मतदान में हिस्सा भी नहीं लिया था.

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इसराइली प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा है कि उनका देश सुरक्षा परिषद में पारित प्रस्ताव को मानने के लिए बाध्य नहीं है.

उन्होंने कहा, ''मैंने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि संयुक्त राष्ट्र के साथ हर तरह के अनुबंध का दोबारा मूल्यांकन किया जाए. इसमें संयुक्त राष्ट्र संस्थानों को मिलने वाली वित्तीय मदद और उसके प्रतिनिधियों की इसराइल में मौजूदगी भी शामिल है.''

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अमरीका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसराइल के ख़िलाफ़ प्रस्तावों पर वीटो करता रहा है लेकिन इस बार उसने ऐसा नहीं किया.

संयुक्त राष्ट्र के निर्णय को भेदभावपूर्ण और शर्मनाक बताते हुए इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, ''इसमें समय लगेगा लेकिन इस फ़ैसले को अमान्य कर दिया जाएगा.''

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दूसरी ओर फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के एक प्रवक्ता का कहना है, ''संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव इसराइली नीति के लिए एक बड़ा धक्का है.''

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