बोको हराम के चंगुल से निकली लड़कियां पहुंचीं घर

नाइजीरिया
Image caption घर लौटने के बाद चिबॉक लड़कियां

जिन 20 से ज़्यादा नाइजीरियाई चिबॉक लड़कियों को इस्लामी गुट बोको हराम ने अक्तूबर, 2016 में छोड़ा था, वे अब क्रिसमस मनाने के लिए अपने परिवारों के पास पहुंची गई हैं.

बोको हराम ने अप्रैल 2014 में इन लड़कियों को चिबॉक शहर स्थित उनके स्कूल से अगवा कर लिया था. स्विट्ज़रलैंड और अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति के बीच इसी साल अक्तूबर में हुए एक समझौते के बाद इन लड़कियों को रिहा कर दिया गया.

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Image caption मई 2014 में अपहरण के बाद की तस्वीरें

तभी से नाइजीरियाई सरकार ने इन लड़कियों को पूछताछ के लिए एक गुप्त स्थान पर रखा हुआ था. इन लड़कियों में से एक, 22 वर्षीय असाबे गोनी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उनका घर वापस लौटना किसी 'चमत्कार' से कम नहीं है.

क्रिसमस की तैयारी में अपनी मां की मदद करते हुए उसने कहा, ''मैं क्रिसमस डे पर चर्च जाने को लेकर काफ़ी उत्साहित थी. मैंने कभी सोचा नहीं था कि फिर से घर जा पाऊंगी. मैंने घर जाने की उम्मीद छोड़ दी थी.''

स्कूल से 276 स्टूडेंट्स को अगवा कर लिया गया था और इनमें से 197 अब भी गायब हैं. बाकी लड़कियों को रिहा कराने के लिए भी बातचीत जारी है.

ज़्यादातर चिबॉक लड़कियां ईसाई हैं लेकिन उन्हें इस्लाम कबूल करने और अपहरणकर्ताओं से शादी के लिए प्रोत्साहित किया गया.

गोनी ने बताया कि कई लड़कियों को शादी से इनकार करने पर कोड़े मारे गए. हालांकि गोनी ने कहा कि और मामलों में उनके साथ बुरा व्यवहार नहीं किया गया. जब तक खाद्य सामग्री पर्याप्त थी तब तक उन्हें खाने में कोई दिक्कत नहीं हुई.

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