पाकिस्तान: 'स्वात के कसाई' मु्स्लिम ख़ान को मौत की सज़ा

मुस्लिम खान, 2008 की फोटो इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption मुस्लिम खान स्वात तालिबान का चेहरा बने रहे.

पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने स्वात घाटी के वरिष्ठ तालिबानी नेता मुस्लिम ख़ान को मौत की सज़ा सुनाई है.

सेना का कहना है कि चरमपंथियों के प्रवक्ता रहे मुस्लिम ख़ान को 31 लोगों की हत्या का दोषी करार दिया गया, इनमें आम लोगों के साथ साथ सुरक्षा अधिकारी भी शामिल थे.

मुस्लिम ख़ान उन आठ चरमपंथियों में शामिल हैं, जिनकी मौत की सज़ा पर पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने बुधवार को मुहर लगाई थी.

2014 में पेशावर में आर्मी स्कूल पर हमले के बाद आतंकवाद से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए सैन्य अदालतों का गठन किया था. इन सैन्य अदालतों का कार्यकाल जनवरी 2017 में पूरा हो रहा है.

'स्वात का कसाई'

62 साल के मुस्लिम ख़ान ने 1960 के दशक में एक वामपंथी धर्मनिरपेक्ष पार्टी के एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में करियर शुरू किया था, लेकिन 1990 के दशक में उऩकी विचारधारा उस समय बदल गई जब, स्वात में तालिबान इस्लामी आंदोलन उभरा.

2007 में मुस्लिम ख़ान स्वात तालिबान का मुख्य प्रवक्ता और सार्वजनिक चेहरा बन गया.

हत्या करना, सिर काटने जैसी तालिबान की नीति का बचाव और स्वात में स्कूलों के विनाश करने के लिए मुस्लिम ख़ान को तालिबान प्रमुख मुल्ला फज़लुल्ला ने "स्वात के कसाई 'का खिताब दिया.

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Image caption 2007 में मुस्लिम ख़ान स्वात तालिबान का मुख्य प्रवक्ता और सार्वजनिक चेहरा बन गया.

तालिबान के इन हमलों में 31 लोग और 69 अन्य लोग घायल होने के बाद मारे गए.

सेना के बयान में कहा गया है कि मु्स्लिम खान ने फिरौती के लिए एक स्थानीय नागरिक और दो चीनी इंजीनियरों के अपहरण भी किया था. मु्स्लिम खान ने अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने अपने अपराध कबूले और उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई.

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