दुनिया के सबसे बुजुर्ग नर पांडा की मौत

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Image caption 30वें जन्मदिन के 9 महीने बाद पन पन कैंसर से पीड़ित हो गया था

दुनिया के सबसे बुज़र्ग नर पांडा पन पन की 31 साल की उम्र में मौत हो गई. छह महीने पहले पता चला था कि वह कैंसर से पीड़ित है.

वन संरक्षित क्षेत्रों और ज़ू में पाए जाने वाले दुनिया के एक चौथाई पांडा इसी के वंशज थे.

इसके 130 से ज्यादा वंशज थे. इसका जन्म चीन के सिचुआन में हुआ था. इसे चार महीने की उम्र में चिड़ियाघर में लाया गया था.

दुनिया की सबसे बुज़ुर्ग मादा पांडा भी चीन में ही है. इसकी उम्र तकरीबन 36 साल है. इससे पहले अक्तूबर में जिया जिया नाम की मादा पांडा की 38 साल की उम्र में मौत हो गई थी.

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पन पन नाम का अर्थ है उम्मीद. पन पन की मौत बुधवार तड़के दुजिअंग्यान के चीनी संरक्षण और शोध संस्थान में हुई. संस्थान ने कहा कि पांडा की मौत काफ़ी दुखदायी है.

इसकी देखरेख करने वालों का कहना है कि उसने चलना-फिरना और खाना-पीना छोड़ दिया था. वह बेहोशी की हालत में था. पिछले तीन दिनों से पन पन की हालत लगातार ख़राब हो रही थी.

सितंबर में इंटरनेशनल यूनियन फोर कंर्ज्वेशन ऑफ़ नेचर ने पांडा की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसे 'विलुप्तप्राय' से 'अतिसंवेदनशील' करने की घोषणा की थी.

ताजा चीनी अनुमानों के मुताबिक़ कुल 1,864 वयस्क पांडा हैं. इसी तरह चीनी स्टेट फॉरेस्ट्री एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक़ 422 पांडा संरक्षित इलाकों में हैं.

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