सीरियाई विद्रोहियों की बातचीत से हटने की धमकी

इमेज कॉपीरइट AFP

सीरिया के कई विद्रोही गुटों ने कहा है कि वे रूस की कोशिश से होनेवाली शांति वार्ता की तैयारियों पर होनेवाली चर्चा में शामिल नहीं होंगे.

यह शांति वार्ता इस महीने कज़ाकिस्तान के अस्ताना में होनी है.

विद्रोही गुटों ने सीरिया सरकार पर चार दिन पुराने संघर्ष-विराम को तोड़न का आरोप लगाया.

उन्होंने एक बयान में कहा है कि विद्रोही इस समझौते का सख़्ती से पालन कर रहे थे, मगर सीरिया सरकार और उनके ईरान समर्थित सहयोगियों ने संघर्ष विराम का 'कई बार और बड़े पैमाने पर उल्लंघन' किया है.

गुटों का आरोप है कि "ये उल्लंघन जारी है. इसलिए हम अस्ताना वार्ता से जुड़ी सभी बातचीत से दूर रहेंगे."

तुर्की और रूस पिछले गुरुवार से जारी संघर्ष-विराम समझौते की मध्यस्थता कर रहे हैं.

सीरिया में संघर्षविराम से जगी उम्मीद

सीरिया में रुसी रणनीति कितनी कामयाब?

विद्रोही गुटों ने बयान में दमिश्क के नजदीक विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके वादी बरदा का जिक्र किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार और इसके सहयोगी इस इलाक़े को फिर से अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट EPA

यह इलाक़ा राजधानी को पानी की आपूर्ति करता है. हालांकि सेना ने इस आरोप से इंकार किया है.

नए साल के मौके पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीरिया संघर्ष को ख़त्म करने और शांति वार्ती की रूस और तुर्की की कोशिशों का एकमत से स्वागत किया था.

'स्वर्ग जैसा मेरा सीरिया जल रहा है'

सीरिया: विद्रोही एलेप्पो छोड़ने पर राज़ी

नया संघर्षविराम समझौता पूरे सीरिया पर लागू होता है. पर इसमें चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट, जबाथ फ़तह अल शाम (जेएफ़एस) और कुर्द वाईपीजी जिहादी शामिल नहीं है.

इमेज कॉपीरइट EPA

शांति वार्ता के दो पक्षों में एक ओर सीरिया की सरकारी सेना, सहयोगी नागरिक सेना और रूसी सेना शामिल है, जबकि दूसरी ओर एफ़एसए और कई दूसरे गुट हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे