अमरीका में सांसद बन इन पांचों ने इतिहास रचा

इमेज कॉपीरइट AP Twitter

भारतीय मूल के रिकॉर्ड पांच नेताओं ने अमरीकी कांग्रेस ( जिसमें सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव दोनों शामिल है) में सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण कर इतिहास रच दिया है.

ये पांच शख़्स हैं कमला हैरिस, अमी बेरा, रोहित खन्ना, प्रमिला जयपाल और राज कृष्णमूर्ति.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये पांचों सांसद डेमोक्रेटिक पार्टी के हैं.

अमरीका में भारतीयों की आबादी महज एक प्रतिशत है.

अमरीकी चुनाव में बाजी मारने वाले भारतीय

क्या अमरीकी चुनाव में धांधली संभव है?

कमला हैरिस- 52 साल की कमला हैरिस की मां भारतीय मूल की हैं जबकि उनके पिता जमैका के हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption कमला हैरिस

उन्होंने कैलिफोर्निया के सीनेटर के तौर पर शपथ ग्रहण किया है. वो सीनेटर बनने वाली पहली भारतीय-अमरीकी हैं. वो कैलिफोर्निया की पहली काली सीनेटर हैं.

कमला ने डेमोक्रेट उम्मीदवार लोरेटा सांचेज को 34.8 प्रतिशत प्वाइंट मार्जिन से हराया है. उन्हें बराक ओबामा का समर्थन हासिल था.

सीनेटर बनने से पहले कमला हैरिस 2011 से अटार्नी जनरल के पद पर काम कर रही थीं.

कमला हैरिस ने हारवर्ड और कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की हैं.

अमरीकी चुनाव में प्रवासियों का विवादास्पद मुद्दा

अमरीकी चुनाव में अलग-अलग समुदायों का महत्व

उन्होंने जीतने के बाद साफ किया कि रिपब्लिकन पार्टी की विभाजनकारी नीति के ख़िलाफ़ लड़ना उनकी प्राथमिकता होगी.

एमी बेरा - एमी बेरा ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर अमरीकी संसद की सदस्यता ली है. उन्होंने दलीप सिंह सौंध के रिकॉर्ड की बराबरी की है.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption एमी बेरा अपनी पत्नी के साथ

दलीप सिंह सौंध साठ साल पहले अमरीका में सांसद निर्वाचित होने वाले पहले भारतीय-अमरीकी थे. एमी पेशे से डॉक्टर हैं.

एमी बेरा ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार स्कॉट जोंस को हराया है.

स्कॉट जोंस सैकरामेंटो काउंटी के शेरिफ हैं. स्कॉट जोंस बराक ओबामा की अप्रवास नीति की आलोचना करने की वजह से चर्चा में आए थे.

रोहित खन्ना - रोहित खन्ना कैलिफोर्निया के सिलिकन वैली से सांसद हैं. वो डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से माइक होंडा को हराकर हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव पहुंचे हैं.

इमेज कॉपीरइट http://www.rokhanna.com

रोहित खन्ना के माता-पिता पंजाब से अमरीका के फ़िलाडेलफ़िया पहुंचे. रोहित खन्ना स्टैंडफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर हैं.

रोहित खन्ना ने आठ बार अमरीकी सांसद रह चुके माइक होंडा को हराया है. माइक होंडा ने 15 सालों से ज्यादा वक़्त तक कैलिफोर्निया का प्रतिनिधित्व किया है.

प्रमिला जयपाल - 51 साल की प्रमिला जयपाल पहली भारतीय-अमरीकी महिला हैं जिन्होंने अमरीकी संसद में जगह बनाई हैं.

उनकी 78 साल की मां ख़ास तौर पर शपथ ग्रहण देखने के लिए भारत से अमरीका पहुंची हैं.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption प्रमिला जयपाल

प्रमिला का जन्म चेन्नई में हुआ है और वे 16 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई करने के लिए अमरीका पंहुची थीं. साल 2000 में उन्होंने अमरीकी नागरिकता हासिल की.

उन्होंने वाशिंगटन से रिपब्लिकन पार्टी की ब्रैडी वाल्किनशॉ को हराया.

राज कृष्णमूर्ति - दिल्ली में जन्मे 42 साल के राज कृष्णमूर्ति ने इलिनोय से चुनाव जीतने में कामयाबी हासिल की है. उन्होंने गीता की शपथ लेकर अमरीकी संसद की सदस्यता ग्रहण की है.

राज कृष्णमूर्ति भी चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक उम्मीदवार थे.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption राज कृष्णमूर्ति

वो तुलसी गैबार्ड के बाद गीता की शपथ लेने वाले दूसरे सांसद हैं. तुलसी गैबार्ड अमरीका में सांसद बनने वाली पहली हिंदू हैं

1973 में दिल्ली में जन्मे राज कृष्णमूर्ति के माता-पिता तब न्यूयार्क में जाकर बस गए थे, जब राज महज़ तीन महीने के थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे