'बताएंगे रूस ने क्यों दिया अमरीकी चुनाव में दख़ल'

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Image caption राष्ट्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी के निदेशक जेम्स क्लैपर का आरोप है कि ई-मेल हैक करने के पीछ रूस का हाथ था.

अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख जनरल जेम्स क्लैपर ने वादा किया है कि वो बताएंगे कि रूस ने अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में क्यों दख़ल दिया था.

अमरीकी चुनाव के दौरान हुए हस्तक्षेप को लेकर राष्ट्रपति बराक ओबाम को गुरूवार को रिपोर्ट सौंपी गई.

जेम्स क्लैपर ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डेमोक्रैटिक पार्टी के ईमेल्स लीक करने का आदेश दिया था और इसके पीछे के मक़सद का खुलासा अगले हफ़्ते किया जाएगा.

हालांकि जेम्स क्लैपर रूसी हैकिंग को युद्ध की कार्रवाई बताने से बचते रहे.

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Image caption जॉन मैक्केन सीनेट की सैन्य सेवा समिति की अगुवाई कर रहे हैं.

सीनेट की सैन्य समिति इस मामले की सुनवाई कर रही है. इसकी अगुवाई रिपब्लिकन सीनेटर जॉन मैक्केन कर रहे हैं.

रूस अमरीकी चुनाव में दख़ल के आरोप से इनकार करता रहा है लेकिन नाराज़ अमरीका ने 35 रूसी राजनयिकों को देश से निकाल दिया है.

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जेम्स क्लैपर ने रूस के अभियान को बहुआयामी बताया और कहा कि इसमें प्रोपोगैंडा, ग़लत सूचना और झूठी ख़बरें देना शामिल था.

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Image caption डोनल्ड ट्रंप चुनाव में हस्तक्षेप के लिए रूस पर लग रहे हैकिंग के आरोपों को कई बार ख़ारिज कर चुके हैं.

दूसरी ओर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि वे गुप्तचर एजेंसियों के "बड़े फ़ैन" हैं. उन्हें शुक्रवार को रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी जाएगी और अगले हफ़्ते गोपनीय जानकारी को सार्वजनिक कर दिया जाएगा.

इस साझा गवाही को जेम्स क्लैपर, अंडर सेक्रेटरी मार्सल लेटर और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के निदेशक एडमिरल माइकल रोजर्स ने लिखा है.

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सुनवाई के दौरान कहा, "यह सुनवाई इसलिए की जा रही है कि रूसियों ने जो कुछ किया, उसके मद्देनज़र गुप्तचर सेवा की सुरक्षा को और मजबूत किया जाए."

गवाही में यह भी कहा गया , "रूस के पास विकसित साइबर कार्यक्रम हैं, जिनसे अमरीकी हितों को बड़ा ख़तरा है."

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