रूस के साथ रिश्ते का विरोध करने वाले 'मूर्ख'- ट्रंप

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अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस के साथ बेहतर संबंध रखना अच्छी बात है और केवल 'बेवकूफ़ या मूर्ख' ही इसे ग़लत विचार कह सकते हैं.

ट्रंप ने इस बारे में कई ट्वीट किए हैं. दो अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "हमारे सामने दुनिया में कई समस्याएं हैं और हम एक और नहीं चाहते. मेरे राष्ट्रपति बनने पर रूस अमरीका का ज़्यादा सम्मान करेगा और दोनों देश शायद मिल कर दुनिया की बड़ी समस्याओं और मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करेंगे."

उनके ये ट्वीट एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट के सामने आने के बाद आए हैं जिसके अनुसार रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में ट्रंप को जिताने के लिए निजी तौर पर साइबर अभियान चलाने के आदेश दिए थे.

'पुतिन अमरीकी चुनाव में ट्रंप की मदद करना चाहते थे'

शुक्रवार को ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख ने उनके सामने इस रिपोर्ट के तथ्य पेश किए थे जिसके बाद ट्रंप ने रूस का नाम न लेते हुए कहा कि ख़ुफ़िया विभाग मे काम करने वालों की वो "बहुत इज़्ज़त करते हैं".

रिपोर्ट में कही गई मुख्य बातें -

  1. डेमोक्रेटिक नेशनल कमिटी के ईमेल और पार्टी के बड़े नेताओं के ईमेल की हैकिंग हुई है.
  2. हैकिंग से मिली जानकारी को बांटने के लिए विकीलीक्स, डीसीलीक्स डॉट कॉम और गुसीफर 2.0 नाम के हैकर का इस्तेमाल किया गया था.
  3. इसमें राज्य समर्थित प्रोपेगैंडा का इस्तेमाल किया गया था और सोशल मीडिया पर भद्दे कॉमेंट्स करने के लिए ट्विटर यूज़र और 'ट्रोल' करने वालों को पैसा दिया गया.

रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ट्रंप को "साफ़ तौर पर वरीयता" दे रहा था. रिपोर्ट के इस हिस्से को सार्वजनिक नहीं किया गया है.

ट्रंप ने डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी पर 'लापरवाह' होने का आरोप लगाया,और कहा कि उन्होंने अपने सर्वर को हैक होने दिया.

पुतिन ने ट्रंप का मन मोह लिया

क्या कहती है ट्रंप-पुतिन की चुंबन वाली तस्वीर?

इससे पहले शनिवार को ट्रंप ने ट्वीट किया था, "ख़ुफ़िया विभाग ने कहा है कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि चुनाव के नतीजों के साथ छेड़छाड़ हुई है, वोटिंग मशीनों को तो छुआ भी नहीं गया था!"

वॉशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस कारण ट्रंप को रूसी साइबर अभियान का बचाव करते हुए देखा जा सकता है, जिसे अमरीका एक बड़ा ख़तरा मानता है.

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Image caption मोन्टेनेग्रो में लगा एक पोस्टर

ट्रंप ने चुनाव के दौरान भी कई बार कहा था कि वो रूस के साथ संबंधों को बेहतर बनाना चाहते हैं.

उन्होंने कई बार अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूसी हैकिंग के दावे पर भी सवाल उठाए हैं.

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