पाकिस्तान ने 'भारत की दखलंदाजी' के ख़िलाफ़ सौंपे 'सबूत'

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Image caption संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि महीला लोधी.

पाकिस्तान ने बलूचिस्तान, फाटा और कराची में भारतीय 'दख़लंदाजी' पर संयुक्त राष्ट्र को दस्तावेज़ सौंपे हैं और संस्था से मांग की है कि वह भारत को ऐसा करने से रोके.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि संयुक्त राष्ट्र में पाक की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने सबूतों पर आधारित 'दस्तावेज़' संयुक्त राष्ट्र महासचिव के हवाले किया.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार इन सबूतों में इंडियन खुफिया एजेंसी 'रॉ' के बलूचिस्तान, फाटा और कराची में आतंकवाद में शामिल होने के सबूत शामिल हैं.

इससे पहले अक्टूबर 2015 में मलीहा लोधी ने संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव बान की मून को तीन दस्तावेज़ सौंपे थे.

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विदेश मंत्रालय के सलाहकार ने अपने पत्र में कहा था कि 'बलूचिस्तान से गिरफ्तार किए जाने वाले' कथित रॉ एजेंट कुलभूषण यादव का इक़बालिया बयान इंडियन हस्तक्षेप को दर्शाता है. पाकिस्तान का दावा है कि लंबे समय से आतंकवाद में शामिल भारत संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का खुला उल्लंघन कर रहा है.

सरताज अज़ीज़ ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और दूसरी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से पाकिस्तानी सबूतों की गंभीरता से समीक्षा की मांग की. पाकिस्तान की तरफ़ से कहा गया है कि 'भारत के हस्तक्षेप को रोका न गया तो यह वैश्विक और क्षेत्रीय शांति के लिए ख़तरनाक हो सकता है.'

उनका यह भी कहना था कि पाकिस्तान शांति चाहता है लेकिन अपनी स्वायत्तता को हर हाल में सुरक्षा करेगा.

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ग़ौरतलब है कि पिछले साल भारत के एक मंत्री ने एक बयान में पाकिस्तान में गिरफ्तार होने वाले 'रॉ के जासूस' कुलभूषण यादव के इक़बालिया बयान के वीडियो को ख़ैरिज करते हुए उसे झूठ बताया था.

बयान में कहा गया था कि भारतीय अधिकारियों ने वीडियो का ध्यानपूर्वक समीक्षा की है 'वह एक व्यक्ति के व्यक्तिगत बयान है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है.'

याद रहे कि रॉ के कथित एजेंट की गिरफ्तारी और इक़बालिया बयान को लेकर संयुक्त राष्ट्र को सूचित करने में देरी पर पाकिस्तान को अपने यहां भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

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