भारतीय जवान के वीडियो की पाकिस्तान में ख़िल्ली उड़ी!

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बीएसएफ़ जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो पर पाकिस्तान में काफ़ी दिलचस्पी ली जा रही है.

पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर इस वीडियो को तेज़ी से शेयर किया जा रहा है और कई लोग भारतीय अधिकारियों पर कटाक्ष भी कर रहे हैं और कई सैनिक के साथ सहानुभूति जता रहे हैं.

पाकिस्तान में ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है और कई टिप्पणियों में लोग भारत का मज़ाक उड़ाते दिख रहे हैं.

वालिद के नामक एक यूज़र ने लिखा है,"संयुक्त राष्ट्र को दुनिया की भूखी सेना की मदद करनी चाहिए."

एक और यूज़र ज़रीन ख़ान कहती हैं,"वे दिन-रात आपके लिए लड़ते हैं, आपकी सीमाओं की रक्षा करते हैं और बदले में मिलती है भूख! शर्म करो भारतीय सेना."

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कुछ लोग इस वीडियो के सहारे भारत के पाकिस्तानी इलाक़ों में कुछ महीने पहले सर्जिकल स्ट्राइक करने के दावों का भी मज़ाक उड़ा रहे हैं.

एक यूज़र राजा मुनीब ने लिखा है,"भारत सरकार अपने सैनिकों को खाना भी नहीं दे सकती और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा करती है."

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पाकिस्तान में सेना से जुड़ी ख़बरें देनेवाली एक वेबसाइट पाकिस्तान डिफ़ेंस ने अपने फ़ेसबुक पन्ने पर इस वीडियो को मस्ट वॉच कहकर शेयर किया है.

इस पोस्ट पर कई लोगों ने टिप्पणी की है जिसमें कुछ लोगों का कहना था कि भारत को पाकिस्तानी सेना से सीखना चाहिए कि सैनिकों का ख़याल कैसे रखा जाए.

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एक यूज़र फ़हीम सरदार ने मज़ाक उड़ाते हुए लिखा,"वाकई इन्क्रेडिबल इंडिया, विश्वास नहीं होता कि ये देश ख़ुद को उभरता हुआ सुपरपावर कहता है."

एक और फ़ेसबुक यूज़र रज़ा ख़ान ने लिखा,"किसी भी फ़ौजी को ऐसी दयनीय हालत में नहीं रहना चाहिए, वो चाहे पाकिस्तान में हो या भारत में."

पाकिस्तान के अख़बारों और टीवी चैनलों पर भी इस ख़बर की काफ़ी चर्चा हो रही है जहाँ इसे निंदनीय और अविश्वसनीय कहा जा रहा है.

इस बारे में प्रतिष्ठित अख़बार डॉन की रिपोर्ट वेबसाइट पर सबसे ज़्यादा पढ़ी जानेवाली ख़बरों में से एक रही.

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इसपर प्रतिक्रिया करते हुए एक पाठक ने लिखा,"पाकिस्तानी सेना को शिष्टाचार के नाते भारतीय सैनिकों के लिए खाना भेजना चाहिए."

एक और अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बीएसएफ़ जवान के इस आरोप को तवज्जो दी है कि वरिष्ठ अधिकारी सामान बेच देते हैं और अपनी जेबों में पैसे भर लेते हैं.

उर्दू टीवी न्यूज़ चैनल जिओ टीवी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के लिए शर्मनाक बताते हुए लिखा है, "सिपाही तेज बहादुर यादव ने भारतीय सेनाओं को लेकर कुछ कड़वी सच्चाइयों को उजागर किया है...भारतीय सैनिक अक्सर ख़ाली पेट सोने जाते हैं."

उर्दू टीवी चैनल एआरवाई न्यूज़ ने इस वीडियो पर कहा है,"ऐसे वक़्त जब भारतीय सेना और सरकार अपने जवानों की सराहना कर रहे हैं और पाकिस्तान के शांति प्रयासो को कामयाब नहीं होने दे रहे, इस वीडियो से पता चलता है कि सैनिक कड़ाके की ठंड में कैसे सीमा पर ज़िंदगी बिता रहे हैं."

चैनल लिखता है कि "इस बात की गुंजाइश बहुत कम है कि इन आरोपों पर संदेह किया जाए."

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