गाम्बिया में गहराया राजनीतिक संकट, भागे लोग

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पश्चिमी अफ़्रीका के नेताओं ने गाम्बिया के राष्ट्रपति याह्या जमेह से मुलाक़ात कर उन्हें सत्ता छोड़ने के लिए मनाने की अंतिम कोशिशें की हैं.

याह्या जमेह बीते महीने हुआ चुनाव हार गए थे.

नेताओं की बैठक क्या किसी नतीजे पर पहुंच पाईं, अभी ये स्पष्ट नहीं हो सका है.

राष्ट्रपति जमेह से मुलाक़ात करने वाले नेता क्षेत्रीय संगठन इकोवास (ईसीओडब्ल्यूएएस) से जुड़े राष्ट्रों से हैं. जमेह का कार्यकाल छह दिन बाद समाप्त हो रहा है और उनके सत्ता न छोड़ने की स्थिति में इस समूह ने सैन्य हस्तक्षेप करने की चेतावनी दी है.

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हिंसा के डर से हज़ारों गाम्बियावासी पड़ोसी देशों सेनेगल और गिनी बिसाऊ चले गए हैं. अफ़्रीकी यूनियन का कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद वो राष्ट्रपति जमेह को मान्यता नहीं देगी.

अफ़्रीकी यूनियन ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा है कि यदि निर्दोष लोगों की जानें गईं तो राष्ट्रपति जमेह के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

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Image caption नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी और लाइबेरिया के राष्ट्रपति एलेन जॉनसन ने बांजुल में जमेह से मुलाक़ात की है.

चुनावों में जीत हासिल करने वाले एडामा बैरो ने बीबीसी से कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अगले हफ़्ते उन्हें शपथ दिला दी जाएगी.

इसी बीच नाइजीरिया के नेता मुहम्मदु बुहारी भी समझौता कराने के लिए बांजुल पहुंचे हैं. नाइजीरिया के सांसदों ने बातचीत में मदद के लिए जमेह को राजनीतिक शरण देने का प्रस्ताव भी मंज़ूर किया है.

51 वर्षीय जमेह 1994 में गाम्बिया की सत्ता पर क़ाबिज़ हुए थे. उन पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप भी लगते रहे हैं.

हालांकि उनके शासनकाल में नियमित चुनाव भी होते रहे हैं.

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