ये हैं चेल्सी, जिनकी सज़ा ओबामा ने कम की है

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी सैनिक चेल्सी मैनिंग की सजा कम कर दी है.

साल 2010 में विकीलीक्स वेबसाइट को 720,000 राजनैतिक और सैन्य दस्तावेज लीक करने की दोषी चेल्सी इस साल मई में रिहा होंगी.

जिसकी सजा 35 साल से कम कर महज 6 साल में बदल दी गई वो चेल्सी मैनिंग कौन है? और चेल्सी ने अमरीकी सेना की गुप्त जानकारियां लीक क्यों की?

चेल्सी मैनिंग एक ट्रांसजेंडर हैं. उनका पुरुष नाम ब्रेडली मैनिंग है.

पहले ब्रेडली नाम से पहचानी जानी वाली चेल्सी मैनिंग ओक्लाहोमा के एक बेहद छोटे शहर में जन्मीं और पली-बढ़ी.

बताया जाता है कि उनके पिता ने भी सेना में पांच साल काम किया.

जब वे किशोरावस्था थीं तभी उनके माता-पिता का अलगाव हो गया. फिर वे अपनी मां के पास वेल्स चली गईं .

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बचपन में उन्हें गर्म मिजाज का बताया जाता है. वे कंप्यूटर के पीछे पागल रहती थीं. इसके लिए सब उन्हें चिढ़ाते भी थे.

वेल्स में स्कूल की पढ़ाई पूरी कर वे अमरीका लौटी और 2007 में सेना में शामिल हुईं.

अक्तूबर 2009 में उन्हें इराक़ भेजा गया. इसी दौरान फेसबुक पर उनके लिखे से पता चला कि वे परेशान हैं.

मई 2010 में उन्होंने फेसबुक पर लिखा, "मैं अपने आस पास के लोगों और समाज से निराश हो चुकी हूं."

ऐसे ही कुछ और पोस्ट से लोगों को लगा कि वे शायद किसी निजी रिश्ते के टूटने से परेशान हैं.

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लेकिन एक हफ्ते बाद उन्हें गुप्त सूचनाओं को चुराने के संदेह में सेना के जांचदल ने गिरफ्तार कर लिया.

कंप्यूटर हैकर एड्रायन लैमो ने दुनिया भर की मीडिया को बताया कि ब्रेडली ने इंटरनेट पर एक बातचीत में उनसे जानकारियां चुराने की बात मानी थी.

उन्हें 2013 में दस्तावेज लीक करने का दोषी पाया गया. फिर 35 साल की जेल की सजा सुनाई गई.

अगस्त 2013 में कोर्ट मार्शल किए जाने और सजा की सुनवाई के दौरान सेना के मनोवैज्ञानिकों ने पाया कि वे अपनी लैंगिक पहचान से जूझ रही हैं और औरत बनना चाहती हैं.

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उन्होंने विकीलिक्स को जो वीडियो फुटेज लीक किए उसमें 2007 में बगदाद में अपाचे हेलिकॉप्टर से मारे गए 12 नागरिकों की मौत का वीडियो फुटेज भी था.

विकीलिक्स ने अफगान युद्ध से जुड़े दसियों हजार दस्तावेज जारी किए.

वेबसाइट ने बाद में इराक युद्ध से जुड़े संवेदनशील अमरीकी राजनैतिक और सैन्य दस्तावेज़ मिलने की जानकारी दी थी. अमरीकी सरकार को इससे काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी.

ब्रेडली ने अदालत को बताया कि इन दस्तावेजों को लीक करने के पीछे उनका मकसद था कि इराक युद्ध में अमरीका में सेना की भूमिका और अमरीकी विदेश नीति पर सार्वजनिक रूप से बहस हो.

बाद में उन्होंने सुनवाई के दौरान कहा कि 'अमरीका को शर्मिंदा' करने और दुख पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था. इसके लिए माफी भी मांगी. और कहा कि उन्हें गलतफहमी हो गई कि वे 'दुनिया को बेहतर बना सकती हैं.'

जिस दिन उन्हें 35 साल जेल की सजा सुनाई गई उसके एक दिन बाद ही उन्होंने कहा कि वे महिला के रूप में जीना चाहती हैं.

उन्होंने एनबीसी के टुडे प्रोग्राम में कहा, "मैं चेल्सी मैनिंग हूं. मैं औरत हूं."

वे बचपन से ही औरत जैसा महसूस करती थीं. वे हार्मोन थेरेपी शुरू करना चाहती थी. और चाहती थी कि लोग उन्हें चेल्सी कहकर पुकारे.

2014 में सेना के एक न्यायाधीश ने उनका आधिकारिक नाम ब्रेडली एडवार्ड मैनिंग से बदलकर चेल्सी एलिज़ाबेथ मैनिंग कर दिया.

2016 में चेल्सी ने जेल में अपनी जान देने की कोशिश की. बाद में पता चला कि वे लिंग परिवर्तन से जुड़ी सर्जरी को लेकर तनाव में थीं.

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कुछ महीनों बाद ही सर्जरी की मांग को लेकर वे भूख हड़ताल पर चली गईं. इसके बाद सेना सर्जरी के लिए मान गई.

35 साल की जेल में से वे अब तक छह साल की कैद की सजा काट चुकी हैं.

पिछले नवंबर में उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा से उनकी सजा घटाकर छह साल (जो वे पहले ही काट चुकी हैं) करने की गुजारिश की.

और राष्ट्रपति ने दफ्तर छोड़ने के केवल तीन दिन पहले उनकी इच्छा पूरी कर दी.

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