गांबिया: देखा है आपने ऐसा देश

गांबिया अफ्रीका के सबसे छोटे ऐसे देशों में से एक है जहां पश्चिम अफ्रीकी देशों की तुलना में आज़ादी के बाद से राजनीतिक स्थिरता काफी देर तक रही है.

साल 1994 के एक ख़ूनी तख्तापलट के बाद यायहा जमेह ने राष्ट्रपति के तौर पर देश की सत्ता अपने हाथों में ली. बीते 22 सालों से चल रहा उनका शासलकाल साल 2016 में ख़त्म हो गया.

चौंका देने वाले चुनाव परिणाम सामने आए और विरोधी दल के एडम बैरो नए राष्ट्रपति चुन लिए गए. हालांकि यायहा जमेह ने चुनावों में अनिमितताओं का आरोप लगाते हुए सत्ता नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के हाथों में देने से इंकार कर दिया.

गांबिया: समय समाप्त, फिर भी अड़े हैं राष्ट्रपति

गांबिया के बारे कुछ तथ्य

जनसंख्या 18 लाख
एरिया 11,295 वर्ग किलोमीटर
भाषाएं आधिकारिक भाषा अंग्रेज़ी, मानदिंका, वोलोफॉ, फूला
मुद्रा दालासी

एक तरफ़ से अटलांटिक सागर और तीन तरफ़ से सेनेगल से घिरे गांबिया में राजनीतिक स्थिरता से देश में कुछ ख़ास विकास नहीं हुआ. गांबिया नदी देश के बीचोंबीच से हो कर गुज़रती है, लेकिन इसके बावजूद देश की केवल 16 फीसदी ज़मीन खेती के लिए उपलब्ध है.

दरअसल गांबिया एक पतली सी पट्टी वाला देश है जो गांबिया नदी की धारा की दिशा में बढ़ता गया है. इसकी चौड़ाई अधिकतम 50 किलोमीटर है.

ज़मीन की ख़राब क्वालिटी के कारण यहां अधिकतर एक ही चीज़ की खेती होती है, वो है मूंगफ़ली.

गांबिया

यहां राजस्व का एक बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा से आता है क्योंकि देश से बाहर रहने वाले गांबिया के नागरिक पैसे भेजते हैं.

अटलांटिक सागर से सटे इलाके में कई रिज़ार्ट हैं जहां काफी पर्यटक आते हैं.

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