नज़रिया: 'ट्रंप मेरे राष्ट्रपति नहीं हैं'

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बांग्लादेश से अमरीका पहुंची फ़ौज़िया क़ाज़ी डोनल्ड ट्रंप को अपना राष्ट्रपति नहीं मानतीं

दुनिया भर में महिलाएं नए अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के पहले दिन विरोध मार्च निकाल रही हैं. महिलाओं का यह मार्च लंदन से वॉशिंगटन तक में निकल रहा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रंप के ख़िलाफ़ महिलाओं के इस मार्च में दो लाख औरतें शामिल होंगी.

आयोजकों का कहना है कि वे महिलाओं के अधिकारों को प्रमुखता से सामने लाना चाहते हैं क्योंकि ट्रंप के शासनकाल में इस पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. लंदन में यह मार्च अमरीकी दूतावास तक जाएगा.

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Image caption ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेती एक महिला

अमरीका में रह रहीं फ़ौज़िया क़ाज़ी भी उन्हीं महिलाओं में से एक हैं जो 21 जनवरी को ट्रंप के ख़िलाफ़ वॉशिगंटन में महिलाओं के मार्च में शामिल हो रही हैं. फ़ौज़िया ने बताया कि उन्हें राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप क्यों कबूल नहीं हैं

डोनल्ड ट्रंप के बारे में फ़ौज़िया क़ाज़ी

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नौ साल पहले मैं बांग्लादेश से अमरीका में अकेले आई थी. यहां आने के बाद मैंने शुरु में एक कपड़े की दुकान में काम किया और यहीं बस गई.

डोनल्ड ट्रंप भले ही अमरीका के राष्ट्रपति बन गए हैं लेकिन मैं 21 जनवरी को डोनल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद उस मार्च में हिस्सा ले रही हूँ जो महिलाएँ निकाल रही हैं.

ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें देखिए

इसकी वजह ये है कि मेरी नज़र में ट्रंप महिलाओं के खिलाफ़ हैं, मुझे कभी कभी लगता है कि वो महिलाओं को तो इंसान ही नहीं समझते.

हमें अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा. मेरे जैसे कई लोग ट्रंप को राष्ट्रपति भी नहीं मानते हैं.

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ट्रंप सत्ता में आ गए हैं लेकिन हम उन्हें दिखाना चाहते हैं कि हम उनका जमकर विरोध करते रहेंगे.

ट्रंप प्रशासन से सबसे अधिक डर है अप्रवासियों, मुसलमानों, औरतों, शरणार्थियों को क्योंकि ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इनके ख़िलाफ़ बयान दिए हैं.

ट्रंप महिलाओं के ख़िलाफ़ और मुसलमानों के ख़िलाफ़ भद्दी बातें करते रहे हैं.

ट्रंप को चुनाव में जीत जो मिली वह तो गरीब कामगार लोगों के समर्थन से मिली है. उन लोगों ने ट्रंप को इसलिए वोट दिया क्योंकि वह लोग चाहते थे उनकी आर्थिक हालत सुधरे, अर्थव्यवस्था सुधरे.

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उन्हें लगता है कि ट्रंप बंद फ़ैक्ट्रियां खुलवाएंगे, नौकरियां अमरीका में वापस लाएंगे.

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लेकिन ट्रंप को न तो अनुभव है और न उनके पास कोई नीतियां हैं जिससे उनसे कोई उम्मीद की जा सके. उनकी मानसिकता औऱ उनके मूल्य भी हमसे नहीं मेल खाते.

और अब जबकि ट्रंप चार साल तक अमरीका में राज करेंगे, तो मेरे जैसे लोग उनका हर कदम पर विरोध करेंगे, और डट के विरोध करेंगे, अमरीका में रह कर ही विरोध करेंगे.

मेरा परिवार अब भी बांग्लादेश में रहता है लेकिन मुझे अब ग्रीन कार्ड मिल गया है और जल्द ही मैं अमरीका की नागरिकता भी ले लूंगी.

(सलीम रिज़वी से बातचीत पर आधारित)

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