अमरीकी चुनाव में लाखों ग़ैरक़ानूनी वोट पड़े: ट्रंप

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अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का मानना है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में लाखों लोगों ने ग़ैरक़ानूनी ढंग से वोट दिए थे.

व्हाइट हाउस के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप की ये मान्यता "अध्ययन और सबूतों" पर आधारित है.

राष्ट्रपति के मीडिया प्रवक्ता शॉन स्पाइसर ने मीडिया के सामने इस बारे में कोई सुबूत नहीं पेश किए.

चुनाव में धांधली के आरोपों को कई राजनीतिज्ञ, विशेषज्ञ खारिज कर चुके हैं.

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शॉन स्पाइसर के बयान से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कांग्रेस नेताओं से निजी मुलाकात की थी.

उन्होंने इन राजनीतिज्ञों से कहा था कि चुनाव में 30 से 50 लाख लोगों ने बिना दस्तावेज़ वाले अप्रवासियों ने वोट डाले.

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नवंबर में एक ट्वीट में भी ट्रंप ऐसे ही दावे कर चुके हैं, लेकिन इस बारे में कोई सुबूत पेश नहीं किए.

रिपब्लिकन पार्टी के अधिकारियों ने भी कहा है कि उन्हें जाली वोट के सुबूत नहीं मिले हैं.

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ट्रंप की राजनीतिक प्रतिद्वंदी और राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को चुनाव में ट्रंप से करीब 30 लाख ज़्यादा लोकप्रिय वोट मिले थे, लेकिन ज़्यादा एलेक्टोरल कॉलेज वोट पाने के कारण ट्रंप ये चुनाव जीत गए थे.

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ग़ैरक़ानूनी वोट का क्या सुबूत है?

1. रूढ़िवादी और खुद को जाली वोट विशेषज्ञ कहने वाले ग्रेग फ़िलिप्स ने ट्वीट किया था, " अनाधिकृत मतदाताओं की संख्या 30 लाख से ज़्यादा."

2.इनफ़ोवॉर्स डॉट कॉम (Infowars.com) जैसी दक्षिणपंथी वेबसाइटों ने इस ट्वीट के आधार पर जाली मतदान के आरोप लगाने शुरू किए. ये वेबसाइट पहले भी कई झूठे दावे कर चुकी है.

3.तथ्यों की जांच करने वाली वेबसाइट स्नोप्स डॉट कॉम (snopes.com) ने इन आरोपों को निराधार बताया.

4.एक अन्य स्रोत 'पॉलिटीफ़ैक्ट ने अपने शोध की ओर इशारा कर कहा कि 2000 और 2011 के बीच उन्होंने ग़ैरकानूनी वोट के 56 मामले पता किए.

5.2012 प्यू रिसर्च में लाखों अनाधिकृत मतदाता पंजीकरण के मामले पाए गए. कई मामलों में या तो लोगों ने अपनी जगह बदल ली थी या फिर उनकी मौत हो गई थी लेकिन प्यू को एक भी फ़्रॉड का मामला नहीं मिला.

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रिपब्लिक नेताओं ने डोनल्ड ट्रंप को इस मामले को बड़ा मुद्दा ना बनाने को कहा है.

सेनेटर लिंडसे ग्राहम ने डोनल्ड ट्रंप की टिप्पणी को 'अनुचित' बताया और कहा कि ट्रंप को ये बातें पीछे छोड़ देनी चाहिए.

वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता एंथनी ज़र्कर का कहना हैं कि ये ट्रंप के हित में है कि वो अब भविष्य की ओर देखें.

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