सू-सू नहीं जाने दिया, स्कूल चुकाएगा 8.5 करोड़

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अमरीका में एक स्कूल को 12.5 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े आठ करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है, क्योंकि उसकी बदइंतजामी से एक छात्रा को मजबूरी में बाल्टी में पेशाब करना पड़ा था.

मामला कैलिफोर्निया के एक स्कूल का है. सुपीरियर कोर्ट ज्यूरी ने 2012 में हुई इस घटना के लिए स्कूल को मुआवज़ा देने का आदेश दिया है.

पूर्व छात्रा ने कोर्ट को बताया था कि इस घटना की वजह से वह अवसादग्रस्त हो गई थी और उसके मन में ख़ुदकुशी करने जैसे ख़याल भी आए थे.

मुकदमे के अनुसार अब 19 साल की हो चुकी पैट्रिक हेनरी हाई स्कूल की छात्रा ने कहा कि उसने बाथरूम जाने की इजाज़त मांगी थी, लेकिन शिक्षिका गोन्जा वोल्फ़ ने इनकार कर दिया था.

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शिक्षिका का कहना था कि इस क्लास में बाथरूम ब्रेक की इजाज़त नहीं थी.

शिक्षिका ने हेनरी को बगल वाले कमरे में जाने को कहा, जहाँ वो बाल्टी में पेशाब कर सकती थी और फिर इसे सिंक में डाल सकती थी.

पूर्व छात्रा ने स्कूल पर पहले 25 हज़ार डॉलर का दावा किया था, लेकिन निचली अदालत ने इसे ख़ारिज कर दिया था.

स्कूल का कहना था कि अध्यापक का इरादा कभी भी छात्रा को बेइज्ज़त करने का नहीं था.

हालाँकि इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रा और उसकी उसकी मां से माफ़ी मांगी और शिक्षकों को निर्देश दिए कि बाथरूम ब्रेक की इजाज़त है.

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