अमरीकी हवाई अड्डों पर पकड़े गए रिफ़्यूजी

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Image caption न्यूयॉर्क हवाई अड्डे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है

अमरीका में कुछ नागरिक अधिकार संगठनों ने न्यूयॉर्क में हिरासत में लिए गए शरणार्थियों की रिहाई के लिए क़ानून का दरवाज़ा खटखटाया है.

शुक्रवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नया आदेश आने के बाद जॉन एफ़ केनेडी हवाई अड्डे पर दो इराक़ी शरणार्थियों को हिरासत में ले लिया गया था.

इनमें से एक ने अमरीकी सेना के लिए अनुवादक का काम किया था और उसे शनिवार को छोड़ दिया गया. मगर दूसरा व्यक्ति अभी तक हिरासत में है.

न्यूयॉर्क के सांसद जेरी नैडलर ने एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि वे 11 अन्य शरणार्थियों की मदद की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें पकड़ा गया है.

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Image caption जे एफ़ केनेडी हवाई अड्डे पर रिहाई के बाद इराक़ी आप्रवासी हमीद दरवेश

कई देशों के नागरिकों पर लगी रोक

वैसे अमरीका के इस आदेश का असल असर क्या होगा, अभी ये स्पष्ट नहीं है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने बीबीसी को बताया है कि वो फ़िलहाल पाबंदी को तत्काल लागू करवाने की कोशिश कर रहा है.

नए आदेश के बाद अगले चार महीनों तक शरणार्थियों के अमरीका आने पर रोक लगा दी गई है.

साथ ही सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमरीका आने पर भी 90 दिनों तक रोक लगा दी गई है.

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Image caption राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के विरोध में जे एफ़ के एयरपोर्ट पर जमा हुए प्रदर्शनकारी

सीरिया से भागकर आनेवाले लोगों के अमरीका आने पर अगली सूचना तक बैन लगा दिया गया है.

प्रभावित होनेवाले अन्य देश हैं - ईरान, इराक़, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन.

अमरीकी ग्रीन कार्ड हासिल कर चुके इन सातों देशों के नागरिकों को भी कोई छूट नहीं दी जा रही है. ग्रीन कार्ड प्राप्त कर चुके लोग बिना वीज़ा के स्थायी तौर पर अमरीका में रह सकते हैं.

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Image caption ट्रंप ने पेंटागन में नए रक्षा मंत्री के शपथ लेने के बाद नए आदेश जारी किए

अमरीका जानेवाले यात्रियों को रोका

आदेश के बाद अमरीका जानेवाली कई हवाई सेवाओं ने यात्रियों को उड़ान में जाने से रोका है.

इराक़ और यमन के कम-से-कम सात यात्रियों को मिस्र की राजधानी काहिरा में विमान में नहीं बैठने दिया गया.

इससे पहले इंटरनेट कंपनी गूगल ने विदेश यात्रा कर रहे अपने कुछ कर्मचारियों को जल्द से जल्द अमरीका लौट आने का आग्रह किया.

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Image caption गूगल का कहना है आदेश से उसके कई कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है

'इस्लामिक दुनिया का अपमान'

गूगल का कहना है कि इस आदेश के बाद उसके 100 से ज़्यादा कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है.

अमरीका के इस क़दम की संयुक्त राष्ट्र और यूरोप के कई देशों ने आलोचना की है.

ईरान ने ट्रंप के आदेश को 'इस्लामिक दुनिया का अपमान' बताया है और साथ ही कहा है कि इसके जवाब में वो अमरीकी लोगों के भी ईरान आने पर पाबंदी लगाएगा.

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