हांगकांग से अरबपति कारोबारी गायब

2015 मे हांगकांग का एक किताब व्यापारी अचानक गायब हो गया और कुछ दिनों बाद चीन में अधिकारियों की पकड़ में नज़र आया.

बीते हफ़्ते से गायब चीनी कारोबारी जियाओ जियान्हुआ के बारे में भी अब यही आशंका मज़बूत हो रही है.

इस आशंका की पहली सुगबुगाहट चीन से बाहर सुनाई पड़ी है.

चीन की राजनीति पर पैनी नज़र रखने वाली न्यूयॉर्क की एक वेबसाइट मिंगजिंग न्यूज़ ने ख़बर दी है कि पिछले शुक्रवार एक अनाम चीनी अरबपति को चीन की पुलिस हांगकांग से पकड़ कर चीन ले गई है.

अगले ही दिन हांगकांग की पुलिस को गुमशुदा कारोबारी के बारे में पता लगाने का अनुरोध मिला.

स्थानीय पुलिस ने अपनी जांच शुरू की और पता लगा कि वो जिस कारोबारी की तलाश कर रहे हैं वो शुक्रवार को ही चीन वापस चला गया.

हालांकि एक दिन बाद यानी 29 जनवरी को उस कारोबारी के परिवार के एक शख़्स ने पुलिस से कहा कि गायब कारोबारी परिवार के संपर्क में है और अब केस बंद कर दिया जाए.

सोमवार तक पूरा हांगकांग इस उलझन में था कि आखिर वो अरबपति था कौन? उसका अपराध क्या था? वह था कहां? और क्या चीन के एजेंट हांगकांग की ज़मीन पर बेरोकटोक सक्रिय हैं?

अमरीका की न्यूज़ वेबसाइट बोवेम प्रेस ने बताया कि कारोबारी का नाम जियाओ जियान्हुआ है जो चीन के अरबपति लोगों में से एक हैं.

जियाओ जियान्हुआ की उम्र 40-45 साल है और वो पेकिंग यूनिवर्सिटी के छात्र नेता के रूप में जाने जाते रहे हैं. उनका कारोबार प्रमुख रूप से वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में है.

2014 में चीन में जियाओ ने इस बात से इनकार किया कि वो चीनी सरकार से भ्रष्टाचार की जांच से बचने के लिए हांगकांग आ गए हैं.

कहा जा रहा है कि आखिरी बार उन्हें शुक्रवार को हांगकांग के फोर सीजंस होटल में देखा गया और समझा जाता है कि वो यहीं रह रहे थे.

हांग कांग की मीडिया के मुताबिक, रहस्य तब गहरा गया जब जियाओ की कंपनी टुमॉरो होल्डिंग्स ने वीचैट पर आधिकारिक अकाउंट से संदेश भेजा, "मैं जियाओ जियान्हुआ विदेश में इलाज करा रहा हूं. सब कुछ ठीक है, कल भी हमेशा की तरह काम होगा."

यह संदेश हांगकांग पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाता है जिसमें कहा गया है कि जियाओ चीन लौट गए हैं.

शुक्रवार को कंपनी ने एक और संदेश जारी किया जिसमें कथित रूप से कहा गया है कि जियाओ एक देशभक्त थे और कम्युनिस्ट पार्टी के निष्ठावान समर्थक. ये दावा भी किया गया कि उन्हें अगवा नहीं किया गया है.

कंपनी की ओर से जारी बयान में ये भी कहा गया कि चीन में जन्मे जियाओ कनाडाई नागारिक हैं जिनका हांगकांग में स्थाई निवास है. उन्हें दोनों देशों की कानूनी सुरक्षा हासिल है.

बयान में ये भी कहा गया है कि जियाओ अपना इलाज खत्म कर मीडिया से जल्दी ही मिलेंगे.

हैरत की बात है कि जल्दी ही दोनों संदेश गायब हो गए. वीचैट से कंपनी का अकाउंट भी खत्म कर दिया गया. कंपनी की वेबसाइट भी फिलहाल नहीं खुल रही है.

कनाडा की सरकार ने बीबीसी से कहा है कि उन्हें इस मामले की जानकारी है और राजनयिक इस बारे में पता लगा रहे हैं.

ढेर सारे सवाल हैं और जवाब बहुत कम मिल रहे हैं ऐसे में ये अफ़वाह फैल रही है कि जियाओ के गायब होने के पीछे चीन का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान है.

या फिर शायद वो चीन की सरकार के उस गुट से जुड़ गए थे जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विरोध करता है. ऐसी ख़बरें है कि वो चीन के उच्चवर्गीय लोगों के लिए बैंकर का काम करते थे.

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यह संदेश हांगकांग पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाता है जिसमें कहा गया है कि जियाओ चीन लौट गए हैं.

शुक्रवार को कंपनी ने एक और संदेश जारी किया जिसमें कथित रूप से कहा गया है कि जियाओ एक देशभक्त थे और कम्युनिस्ट पार्ट के निष्ठावान समर्थक. ये दावा भी किया गया कि उन्हें अगवा नहीं किया गया है.

कंपनी की ओर से जारी बयान में ये भी कहा गया कि चीन में जन्मे जियाओ कनाडाई नागारिक हैं जिनका हांगकांग में स्थाई निवास है. उन्हें दोनों देशों की कानूनी सुरक्षा हासिल है.

बयान में ये भी कहा गया है कि जियाओ अपना इलाज खत्म कर मीडिया से जल्दी ही मिलेंगे.

हैरत की बात है कि जल्दी ही दोनों संदेश गायब हो गए. वीचैट से कंपनी का अकाउंट भी खत्म कर दिया गया. कंपनी की वेबसाइट भी फिलहाल नहीं खुल रही है.

कनाडा की सरकार ने बीबीसी से कहा है कि उन्हें इस मामले की जानकारी है और राजनयिक इस बारे में पता लगा रहे हैं.

ढेर सारे सवाल हैं और जवाब बहुत कम मिल रहे हैं ऐसे में ये अफ़वाह फैल रही है कि जियाओ के गायब होने के पीछे चीन का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान है.

हांगकांग पुलिस का कहना है कि परिवार के लोगों की तरफ से जांच बंद करने का अनुरोध मिलने के बावजूद भी वो इसे जारी रखे हुए हैं.

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