कितने दिनों तक एक नौकरी चिपके रहना सही?

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आप कितने दिनों तक कोई नौकरी करना पसंद करेंगे. इसका जवाब हर इंसान के पास अलग-अलग हो सकता है.

लेकिन ब्रितानी अभिनेता पीटर कैपालडी का मानना है कि तीन सालों से ज्यादा किसी नौकरी में नहीं रुकना चाहिए. हालांकि इस सवाल के कई और जवाब भी हो सकते हैं.

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यह बात उन्होंने डॉक्टर हू का किरदार चार साल निभाने के बाद जब छोड़ा तब कहा था.

उन्होंने कहा, "मैंने एक काम कभी भी तीन साल से ज्यादा नहीं किया है. यह पहली बार है जब मैंने चार साल तक काम किया है और अब मुझे लगता है कि मुझे अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना चाहिए."

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पहले के जमाने की तुलना में यह वक़्त थोड़ा कम लगता है. पहले स्कूल-कॉलेज से निकलने के साथ ही लोग एक सुरक्षित नौकरी की तलाश में लग जाते थे और तब तक करते थे जब तक कि वे अपने लिए एक सुरक्षित भविष्य ना पक्का कर लें.

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लेकिन इन दिनों हर कुछ सालों पर नौकरी छोड़ना मानो जैसे कोई नियम की तरह बन गया हो.

ब्रिटेन की एक जीवन बीमा कंपनी एलवी के मुताबिक़ ब्रिटेन में औसतन लोग हर पांच साल पर अपनी नौकरी बदल देते हैं.

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अमरीका में यह आकड़ा थोड़े और कम समय का है. एक सरकारी आकड़े के मुताबिक़ अमरीका में हर चार साल में लोग नौकरी बदल देते हैं.

भारत में यह आकड़ा जानना दिलचस्प होगा क्योंकि अभी भी यहां एक ही नौकरी के साथ लंबे समय तक चिपके रहने की मानसिकता लोगों में देखी जाती है.

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लेकिन किसी को कितने दिनों तक एक नौकरी में बने रहना चाहिए इसे लेकर कोई एक नतीजे पर निकलना मुश्किल है.

ब्रिटेन में मानव संसाधन और विकास से जुड़ी पेशेवर संस्था सीआईपीडी की सलाहकार क्लेयर मैककर्टनी का कहना है, "यह अलग-अलग लोगों पर निर्भर करता है. यह उनके करियर को लेकर योजना पर निर्भर करता है."

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वो कहती हैं कि कोई संस्था कितनी बड़ी है, इस पर भी यह निर्भर करता है कि कोई किसी संस्था में कितने वक़्त तक रूकता है. छोटे कंपनियों में अक्सर बड़ी कंपनियों की तुलना में किसी को तरक्की करने का कम अवसर मिलता है.

नौकरी खोजने में मदद करने वाली कंपनी एडेक्को की समूह प्रमुख विक्टोरिया बेथलहम का कहना है कि वो वैसे संभावित लोगों की नियुक्तियों पर ध्यान देती हैं जो हर तीन से पांच सालों में अपनी नौकरी बदल देते हैं.

वो आगे कहती हैं, "सबसे अहम यह देखना है कि उम्मीदवार के अंदर लचीले मनोभाव वाला है कि नहीं और उसके अंदर लगातार सीखने की प्रवृत्ति है जो कि उसे हमेशा नई-नई चुनौतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी."

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कुछ ऐसी नौकरियां होती हैं जिनमें नौकरी बदलते रहना सिर्फ़ स्वेच्छा पर नहीं निर्भर करता है बल्कि यह उस नौकरी की जरूरत होती है.

नौकरी खोजने में मदद करने वाली एक दूसरी कंपनी पेज ग्रुप के क्षेत्रीय निदेशक का कहना है, "कुछ क्षेत्र मसलन टेक्नॉलॉजी, एडवरटाइजिंग और पब्लिक रिलेशन के पेशेवर हर कुछ सालों या महिनों में भी अपनी नौकरियां बदलते रहते हैं. यह मार्केट में हो रहे बदलावों के हिसाब से एक अनिवार्य शर्त की तरह है."

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