4 महीने की फातेहामेह अब आएगी अमरीका इलाज कराने

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अमरीकी प्रशासन ने सात मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमरीका आने पर लगी विवादित रोक को वापस ले लिया है. एक जज ने इस आदेश को निलंबित कर दिया.

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आदेश पर जिन 60 हज़ार वीज़ाओं को रद्द किया गया था उन्हें फिर बहाल किया जा रहा है.

जज जेम्स रोबार्ट ने फैसला दिया है कि लोगों पर लगी रोक को चुनौती देने का क़ानूनी आधार है.

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ट्रंप ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए जज के आदेश को, "बेतुका" बताया है, और रोक को फिर से लागू करने का वचन दिया है.

रोक से प्रभावित हुए लोग इसके हटने की ख़बर पर एहतियात बरत रहे हैं, क्योंकि एयरलाइनों ने शनिवार से ही रोक से प्रभावित लोगों के अमरीका आने के लिए विमानों में सवार होने का रास्ता खोल दिया है.

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"हमें अपमानित मत करो"

पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी में मेडिकल सेंटर के डॉ सैमुएल जैकब सीरिया में पैदा हुए. उनकी सीरियाई पत्नी उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं. उनका कहना है, "मैं मंगलवार को अपने वकील से मिलूंगा और उनके पास इस बारे में ताज़ा जानकारी होगी कि क्या मेरी बीवी यहां आने की कोशिश कर सकती है. बिना वकील से बात किए इस फैसले को पूरी तरह से समझना मुश्किल है, तब तक मैं फैसला नहीं कर सकता कि हम क्या कर सकते हैं. मैं इस देश के लिए कड़ी मेहनत करता हूं और उम्मीद करता हूं कि अमरीका मेरी मदद करेगा और मुझे परिवार के साथ रहने देगा, इस तरह से अपमानित नहीं करेगा."

जज का फैसला आने के तुरंत बाद प्रतिबंध पर अमल रोक दिया गया.

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जज ने वॉशिंगटन और मिनेसोटा राज्यों के तरफ़ से प्रतिबंध को चुनौती देने की दलीलों को क़ानूनी तौर पर सही माना है.

होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के अधिकारियों को विभाग की तरफ़ से इस क़ानून का पालन तुरंत करने का आदेश दिया गया.

कस्टम अधिकारियों ने तुरंत एयरलाइनों से कहा कि वो यात्रियों को विमान में प्रवेश देना शुरू करेंगे.

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Image caption फाहतेहामेह के दिल का इलाज अब अमरीका में होगा

कतर एयरवेज़ ने तो कुछ ही देर बाद कहा कि वो ऐसा करने जा रही है, इसके बाद एयर फ्रांस, एतिहाद एयरवेज़, लुफ्थांसा और दूसरी एयरलाइनों ने भी यही किया.

जज के फ़ैसले से तिलमिलाए राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, "तथाकथित जज की राय ने कानून के पालन को हमारे देश से बाहर कर दिया, यह बेतुका है और इसे पलटा जाएगा."

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इसके बाद एक और ट्वीट में अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "जब एक देश ये नहीं कह सकता कि कौन अंदर बाहर आ जा सकता है और कौन नहीं, ख़ासतौर से हिफ़ाजत और सुरक्षा के लिहाज से समस्या बड़ी है."

अमरीकी प्रशासन की दलील है कि पिछले हफ़्ते राष्ट्रपति के जिस कार्यकारी आदेश ने असमंजस और गुस्सा पैदा किया, वो अमरीका को बचाने के लिए तैयार किया गया है.

उम्मीद की जा रही है कि ट्रंप प्रशासन इस प्रतिबंध को बहाल करने के लिए आपातकालीन रोक का सहारा लेगी.

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Image caption लंदन में ट्रंप का विरोध

"हम कामयाब हुए"

इराक़ में इऱबिल के फ़वाद शारेफ़ को उनके परिवार के साथ वीज़ा होने के बावजूद न्यूयॉर्क जाने से रोक दिया गया.

बीते हफ़्ते उन्हें विमान में चढ़ने नहीं दिया गया. उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "मैं बहुत खुश हूं कि आज हम जा रहे हैं, आख़िरकार हम सफल हुए."

अमरीका में ट्रेनिंग कर रहे एक ने कार्डियोलॉजिस्ट जो नाम ज़ाहिर नहीं करना चाहता, बीबीसी से कहा कि उसकी पत्नी उसके पास आ गई है लेकिन उसके जैसी स्थिति में लोग "देश छोड़ने का जोखिम नहीं लेंगे जब तक कि हालात पहले जैसे नहीं हो जाते"

जल्दी ही जिन लोगों के अमरीका आने की उम्मीद है उनमें एक ईरानी नवजात बच्ची भी है जिसे दिल की बीमारी है और अमरीका में उसकी सर्जरी होनी है.

चार महीने की फातेहामेह राशेद अमरीका जाने के लिए पिछले हफ़्ते दुबई पहुंची लेकिन ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद उसे वहीं रुकना पड़ा.

अब इस बच्ची को अमरीका जाने की अनुमति मिल गई है और न्यूयॉर्क के गवर्नर ने बताया कि डॉक्टरों ने उसका मुफ़्त इलाज करने की बात कही है.

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