'ट्रैवल बैन लगा तो अमरीका में कोहराम मच जाएगा'

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के 'ट्रैवल बैन' को अगर लागू किया गया तो कोहराम मच सकता है.

ये दलील अमरीका के दो राज्यों के वकीलों ने दी है. वॉशिंगटन और मिनिसोटा के काउंसल ने सैन फ्रांसिस्को के फ़ेडरल कोर्ट में कहा है कि इस प्रस्ताव पर पाबंदी जारी रहनी चाहिए.

डोनल्ड ट्रंप के इस प्रस्ताव को सिएटल की एक अदालत के न्यायाधीश ने लंबित कर दिया था.

इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उस न्यायाधीश की आलोचना की है जिन्होंने सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमरीका आने पर रोक के ट्रंप के फ़ैसले पर रोक लगा दी थी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर कुछ होता है तो अमरीकी लोग कोर्ट को दोष देंगे. ट्रंप ने ये भी कहा है कि उन्होंने सीमा पर तैनात अधिकारियों को अमरीका आने वाले लोगों पर सावधानी से नज़र रखने को कहा है.

शुक्रवार को सिएटल की अदालत के न्यायाधीश ने ट्रंप के ट्रैवल बैन पर रोक लगा दी थी. बाद में शनिवार को ट्रंप के अधिकारियों ने जब ये पाबंदी हटाने का अनुरोध किया तो अदालत ने उसे भी नामंजूर कर दिया.

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अदालत के फ़ैसले के बाद ट्रैवल बैन का प्रस्ताव निलंबित हो गया है जिसके चलते अभी इराक, सीरिया, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के वीज़ाधारकों को अमरीका आने पर पाबंदी नहीं है.

ट्रंप ने ट्रैवल बैन पर रोक लगाने वाले न्यायाधीश जेम्स रॉबर्ट की आलोचना करते हुए कई ट्विट किए हैं.

उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है, "हमने सुरक्षा अधिकारियों से अमरीका आने वाले लोगों की जांच काफ़ी सावधानी से करने को कहा है. अदालतें हमारा काम काफ़ी मुश्किल बना रही हैं."

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उन्होंने ये भी कहा है, "विश्वास नहीं हो रहा है कि एक न्यायाधीश ने हमारे देश को ऐसे जोख़िम में डाल दिया है. अगर कुछ होता है तो दोष उनको और हमारी न्याय प्रणाली को दीजिएगा. लोग ऐसा करना शुरू कर चुके हैं. अच्छा नहीं हुआ."

इससे पहले ट्रंप न्यायाधीश रार्बट के फ़ैसले को हास्यास्पद बता चुके हैं. कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन और उनके यात्रा बैन के फ़ैसले को चुनौती देनेवाले राज्यों को इस मामले में अपनी दलील रखने के लिए सोमवार तक का वक़्त दिया है.

न्यायाधीश की आलोचना से बचना बेहतर

अमरीका के कई राज्यों के वकीलों ने कहा है कि यह प्रतिबंध ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक है.

अदालत की रोक को चुनौती देते हुए अमरीकी न्याय विभाग ने कहा है कि ट्रैवल बैन पर रोक लगाना ट्रंप प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों के तहत उठाए गए कदम पर सवाल खड़ा करना है.

वैसे ट्रंप ने जिस अंदाज़ में अमरीकी न्यायाधीश की आलोचना की है, उसकी डेमोक्रैट और रिपब्लिकन प्रतिनिधियों ने आलोचना की है.

डेमोक्रैटिक सीनेटर पैट्रिक लेही के मुताबिक ट्रंप की नीयत देश को संवैधानिक संकट में डालने की है.

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वहीं रिपब्लिकन सीनेटर मिच मैकोनेल ने सीएनएन से कहा कि न्यायाधीश की व्यक्तिगत आलोचना से बचना बेहतर होता.

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