ट्रंप का यू-टर्न, 'वन चाइना' नीति का किया समर्थन

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अमरीका के व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता का कहना है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ टेलीफ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान 'वन चाइना' नीति का सम्मान करने का भरोसा दिया है.

20 जनवरी को ट्रंप के पदभार संभालने के बाद दोनों राष्ट्र प्रमुखों के बीच हुई यह पहली बातचीत थी.

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राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ट्रंप ने फ़ोन पर ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग वेन से बातचीत की थी. चीन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी.

ताइवान ख़ुद को चीन से अलग देश मानता है, जबकि बीजिंग उसे चीन का अभिन्न हिस्सा मानता है. 'वन चाइना' नीति के तहत ताइवान को राजनयिक मान्यता नहीं दी जाती है. यह माना जाता है कि एक ही चीन है और उसकी राजधानी बीजिंग है.

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इंग वेन से बात करने के बाद ट्रंप ने टेलीविज़न चैनल फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में कहा था कि अमरीका को 'वन-चाइना' पॉलिसी से बंधकर नहीं रहना चाहिए.

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व्हाइट हाउस के प्रवक्ता के अनुसार ट्रंप और जिनपिंग के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई. उन्होंने इसे 'काफ़ी दोस्ताना भरा' बताया.

दोनों नेताओं ने एक दूसरे को अपने देश आने का न्योता दिया और आगे भी बातचीत करते रहने की उम्मीद जताई.

चीन की सरकार ने एक बयान जारी कर 'एक चीन' नीति का सम्मान करने के लिेए ट्रंप की तारीफ़ की है.

बयान में कहा गया है कि "दोनों देश एक दूसरे का सहयोग करने वाले साझेदार हैं, और साझे प्रयास से हम दोतरफा रिश्तों को नई ऐतिहासिक ऊंचाई दे सकते हैं."

टेलीफ़ोन पर हुई इस बातचीत के पहले ट्रंप ने शी जिनपिंग को एक चिट्ठी लिखी थी.

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