पाकिस्तान में दरगाह पर आईएस का हमला, 76 की मौत

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
दरगाह पर हमले के बाद जान बचाकर भागते लोग

पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत के मशहूर सूफ़ी दरगाह में एक आत्मघाती बम धमाके में 76 लोगों की मौत हो गई है.

सिंध प्रांत की पुलिस का कहना है कि हमलावर ने सेहवन शहर में स्थित सूफ़ी संत लाल शाहबाज़ क़लंदर की दरगाह पर श्रद्धालुओं के बीच ख़ुद को उड़ा दिया.

प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने हमले की निंदा की है जिसकी ज़िम्मेदारी कथित इस्लामिक स्टेट ने ली है.

सिंध प्रांत के आईजी ए डी ख़्वाजा ने मीडिया को बताया, ''इस धमाके की ज़िम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट ने ट्विटर पर ली है. हम इसकी पूरी तहकीक़ात कर रहे हैं.''

सबसे ज़बर्दस्त हमला

दरगाह पर बहुत भीड़भाड़ थी क्योंकि गुरुवार का दिन ज़ियारत के लिए पाक माना जाता है.

दमादम मस्त कलंदर वाले बाबा के दर पर हमला

'मैंने ज़िंदगी में ऐसा ख़ौफ़नाक मंज़र नहीं देखा'

इस हफ्ते पाकिस्तान में हुए धमाकों में ये हमला सबसे ज़बर्दस्त है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि हमले में कम से कम 250 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

पास के एकमात्र अस्पताल में ज़ख़्मियों के इलाज में मुश्किल पेश आ रही है क्योंकि अस्पताल इतनी बड़ी तादाद में घायलों का इलाज कर पाने में सक्षम नहीं है.

दूसरे अस्पताल सेहवन से दो घंटे की दूरी पर जमशोरो और हैदराबाद में हैं.

गंभीर रूप से घायलों को एंबुलेंस के ज़रिए जमशोरो और हैदराबाद भेजा गया है.

इमेज कॉपीरइट AFP

पीएम नवाज़ की अपील

एक बयान में प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि इस हमले को अंजाम देनेवाले इस्लामिक चरमपंथियों को वो बख्शेंगे नहीं.

उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिन मुश्किल रहे हैं और पीड़ितों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है. हम इन घटनाओं के ज़रिए मुल्क को विभाजित करने या डराने का मौका नहीं देंगे. हमें पाकिस्तान की पहचान और सार्वभौम मानवता के लिए एकसाथ खड़ा रहना होगा."

दरगाह पर हमले के बाद पाकिस्तान के कई मज़ारों और दरगाहों को बंद कर दिया गया है और कई शहरों में एलर्ट जारी कर दिया गया है.

पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से लगातार चरमपंथी हमले हो रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

इसी सप्ताह सोमवार को लाहौर में पंजाब विधानसभा के पास एक विरोध प्रदर्शन के दौरान धमाका हुआ था जिसमें 13 लोग मारे गए थे और 80 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.

तालिबान के एक धड़े ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी.

सिंध के आईजी ए डी ख़्वाजा ने कहा कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान विरोधी ताक़तों का हाथ है.

''समा टीवी के वैन पर जो हमला हुआ जिसमें एक मीडियाकर्मी मारे गए, उसके बाद लाहौर, पेशावर, फ़ाटा और क्वेटा में हमले हुए. पूरे मुल्क में नई दहशतगर्दी की लहर आई है. मैं समझता हूं कि इन सबका एक बड़ा मज़बूत कनेक्शन है और वो कनेक्शन सिर्फ़ एंटी पाकिस्तान है.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे