उत्तर कोरिया: किम जोंग के भाई की हत्या की यह है कहानी

  • 17 फरवरी 2017
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Image caption किम जोंग-नम का पालन-पोषण काफी गोपनीय तरीके से हुआ था

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई की सोमवार को हत्या कर दी गई थी. मलेशिया के कुआलालंपुर एयरोपोर्ट पर सोमवार को किम फ़्लाइट का इंतज़ार कर रहे थे तभी उन्हें ज़हर देकर मार डाला गया था.

कोरियाई मीडिया के अनुसार दो महिलाओं ने ज़हर देकर जोंग नम की हत्या की. हालाँकि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है.

हालाँकि दक्षिण कोरियाई मीडिया ने हत्या के लिए ज़िम्मेदार व्यक्ति का भंडाफोड़ करने में जरा भी देरी नहीं की और बगैर सुबूतों के उंगली किग जोंग उन की तरफ कर दी.

हालाँकि जोंग उन पर शक़ करने की वजह भी है. 2011 में उत्तर कोरिया की सत्ता संभालने के बाद से जोंग ने कई अधिकारियों को मौत की सज़ा दी है जो उनकी कुर्सी के लिए ख़तरा दिखे हैं.

हत्याओं का इतिहास

वैसे भी अपने जासूस विदेश भेजकर हमला, अपरहण और हत्याओं को अंजाम देने का उत्तर कोरियाई शासकों का इतिहास पुराना है. यही वजह है कि जोंग नम की हत्या का शक़ भी सीधे-सीधे उनके भाई जोंग उन पर गया.

जोंग-नम का जन्म 1971 में प्योंगयांग में हुआ था.

इनकी मां हये-रिम उत्तर कोरियाई फ़िल्मों की अभिनेत्री थीं. रिम के पिता दक्षिण कोरियाई कम्युनिस्ट बुद्धिजीवी थे. कोरियाई युद्ध के दौरान वह उत्तर कोरिया में जाकर बस गई थीं.

किम जोंग-इल से हये-रिम चार से पांच साल बड़ी थीं. जब दोनों के बीच रोमांटिक रिलेशनशिप शुरू हुई तो वह शादीशुदा थीं और उस पति से उनका एक बच्चा भी था. उत्तर कोरिया के रूढ़िवादी समाज के लिए यह एक अनैतिक संबंध था. कई सालों तक किम जोंग-इल ने इस सबंध और 'नए बेटे' को अपने पिता किम इल-संग से छिपाकर रखा.

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Image caption किम जोंग-उन पर लग रहे हैं आरोप

जब किम जोंग-नम का जन्म हुआ तब किम जोंग-इल अपने पिता से उत्तराधिकार हासिल करने की दौड़ में सबसे आगे थे.

ऐसे में उनकी रिलेशनशिप सार्वजनिक होती तो उत्तराधिकार हासिल करने का उनका लक्ष्य पटरी से उतर सकता था. तब उनकी तिरस्कृत सौतेली मां करीबी प्रतिद्वंद्वी थीं.

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हये-रिम से संबंधों में जटिलता के कारण किम जोंग-उन को सेंट्रल प्योंगयांग की विशाल हवेली से दूर रखा गया.

किम जोंग-नम की मां कई तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारियों से पीड़ित थीं. इन्हें उत्तर कोरिया से बाहर इलाज की ज़रूरत थी. नम अपनी नानी और मामी हये-रंग के साथ रहते थे. किम जोंग-इल की दूसरी पत्नी लेखिका थीं. वह एक विधवा थीं और उनके दो बच्चे थे.

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10 साल का लंबा सफर

जब किम जोंग-नम नवजात थे तो उनकी बुआ किम क्योंग-हुई उन्हें अपने साथ ले गईं. उन्होंने जोंग-नम को गोद ले लिया और अपने बच्चे की तरह पाला. उन्हें इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा, लेकिन उन्होंने जोंग-नम का हमेशा साथ दिया.

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Image caption अपने पिता किम इल-सुंग के साथ किम जोंग-इल

उनका पालन-पोषण गोपनीय तरीके से हुआ. नम महल के बंद दरवाजों के पीछे पले-बढ़े.

किम जोंग-इल की नज़रें अपने बेटे पर हमेशा रहीं. इसके बावजूद दक्षिण कोरियाई सूत्रों से एक अफ़वाह फैली थी कि जोंग-नम आख़िरकार अपने दादा किम इल-संग से मिलने में कामयाब रहे और उन्होंने एक संबंध भी बनाया.

1979 में जोंग-नम ने 10 साल की पढ़ाई का सफर शुरू किया. वह इस दौरान उत्तर कोरिया से बाहर रहे. वह रूस और स्विटज़रलैंड में रहे. फ्रेंच और इंग्लिश पर उनकी काफी मजबूत पकड़ी थी. 1980 के दशक में वह वापस उत्तर कोरिया आए.

बाहर की दुनिया में वह कोई गुमनाम नहीं थे, लेकिन उत्तर कोरिया के प्योंगयांग और वोनसन में सामाजिक रूप से अलग-थलग रहने के कारण वहां के राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े हो रहे थे.

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Image caption दक्षिण कोरिया के मीडिया में इस हत्या को खूब कवर किया जा रहा है

जोंग-नम को लेकर कई बार किम जोंग-इल परेशान भी हुए. जोंग-नम को राजनीतिक बंदियों के साथ भेजने की धमकी दी गई.

इन बंदियों को कोयला खानों में काम करना होता है. उनकी बुआ के मुताबिक़ यह धमकी बिल्कुल वास्तविक थी, इसलिए परिवारवालों ने इसकी तैयारी भी की थी. जिस दिन उन्हें बंदी बनाकर भेजा जाना था उस दिन पर्याप्त कपड़े और जूते लाए गए थे.

'पार्टी बॉय'

जोंग-नम राजनीतिक बंदी तो नहीं बने, लेकिन उन्हें पिता की 20 मांगें माननी पड़ी. ये मांगें अपने आप में काफी कठोर थीं. जोंग-नम कभी अपने पिता के उत्तराधिकारी नहीं बन सकते थे, लेकिन वह पारिवारिक बिज़नेस का हिस्सा बने.

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Image caption अपने पिता की गोद में किम जोंग-नम

उन्हें उत्तर कोरिया के आंतरिक सुरक्षा तंत्र से जोड़ा गया और उन्हें विदेशी एक्सचेंज-अर्निंग ऑपरेशन में भी शामिल किया गया.

1990 के दशक के मार्च महीने में कोरिया में भयावह अकाल आया था. इसमें हज़ारों नागरिक मारे गए थे. इसमें जोंग-नम को सरकारी कंपनियों, वित्तीय स्थिति और वहां के व्यापारों को ऑडिट करने की जिम्मेदारी दी गई थी.

जोंग-नम के ऑडिट के बाद फैक्ट्री मैनेजरों को राज्य की संपत्ति चुराने के आरोप में फांसी दी गई. देश में जोंग-नम के बारे में भ्रम दूर करने के लिए यह पर्याप्त था. इनकी शादी 1990 के दशक के आख़िर में हुई. उनके बच्चे भी हैं.

2000 के दशक में जोंग-नम उत्तर कोरिया से बाहर रहने लगे.

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Image caption किम जोंग-नम उत्तर कोरिया की आलोचना करते थे

किम जोंग-नम अपने परिवार के साथ बीजिंग के मकाऊ में रह रहे थे. उन्हें कुछ परिवारों के वित्तीय खातों के प्रबंधन का काम सौंप गया था. वह उत्तर कोरिया के कुछ ग़ैरक़ानूनी बिज़नेस में भी शामिल थे.

हालांकि जोंग-नम कभी सीधे तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी और हथियारों को सौदे में शामिल नहीं रहे. जोंग-नम की पहचान पार्टी बॉय के रूप में भी थी.

पारिवारिक प्रतिद्वंद्विता

1979 में जोंग-नम विदेश गए तो रहस्य और गहराया. जब नम को उत्तर कोरिया से भेजा गया तो किम जोंग-इल ने शराब पी थी. किम की आंखें नम थीं. वह हये-रंग के उलाहना दे रहे थे. वह इन सबके लिए हये-रंग को जिम्मेदार ठहरा रहे थे.

वह कह रहे थे कि तुम्हारी वजह से मेरा बेटा मुझसे दूर हो गया. 1970 के दशक में किम जोंग-इल का संबंध एक डांसर के साथ शुरू हुआ. इस महिला का जापानी नाम को योंग-हुई था. किम जोंग-इल ने को के साथ घर बसाया. वह इनसे तीन बच्चों के पिता बने.

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Image caption साउथ कोरिया मीडिया में इस हत्या की ख़बर छाई

तीनों के बीच वाले किम जोंग-उन हैं. यही अपने पिता के उत्तराधिकारी बने.

जोंग-नम ने एक बाहरी शख्स से कहा था- एक बार जब मैंने पढ़ाई के लिए उत्तर कोरिया को छोड़ दिया तो मेरे पिता ने को योंग-हुई के साथ रिलेशनशिप शुरू की और उनके बच्चे ने इस शून्यता को भरा.

को काफी महत्वाकांक्षी थीं. उन्होंने अपने पति के सहयोगियों और जनरलों को साथ करीबी का रिश्ता बनाया. 1980 के दशक के आख़िर में जब जोंग-नम विदेश से पढ़कर वापस आए तभी किम परिवार के स्टाफ के बीच अफ़वाह थी कि उत्तराधिकार के लिए उनके बच्चों तो ज़हर दिया जा सकता है.

हालांकि वंशानुगत उत्तराधिकारी को लेकर बातचीत करना मना है. 1990 के दशक से 2000 के दशक की शुरुआत तक को यांग-हुई को कार्यवाहक प्रथम महिला बना दिया गया.

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Image caption संदिग्धों को पकड़ने में लगी है मलेशिया की पुलिस

जोंग-उन और उनके बड़े भाई जोंग-चोल में से किसी को किम जोंग-इल का उत्तराधिकार मिलना था. जब मई 2001 में जोंग-नम को टोक्यो एयरपोर्ट पर नक़ली पासपोर्ट के साथ गिरफ़्तार किया गया तो किम परिवार के लिए शर्मिंदगी का कारण बना.

क्या किम जोंग-उन ने अपने सौतेले भाई को मरवाया?

इस मामले में व्यापक राय और विश्लेषण है कि जोंग-उन उत्तर कोरिया में नेताओं को निशाना बनाते हैं. कहा जा रहा है कि उनका शासनकाल अस्थिर है.

जोंग-नम अपने सौतेले भाई जोंग-उन के लिए कोई ख़तरा नहीं थे. राजनीति में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी. वह देश के बाहर रहते थे.

जोंग-नम का चीन के आभिजात्यों से अच्छा संबंध था. उन्हें चीन से सुरक्षा भी मिली थी. हाल के दिनों में उत्तर कोरिया चीन से करीब आने की कोशिश कर रहा था.

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