जब बीबीसी पत्रकार पर भड़के डोनल्ड ट्रंप

  • 17 फरवरी 2017
इस बार ट्रंप के निशाने पर आया है बीबीसी

शुक्रवार को अमरीका के 45वें राष्ट्रपति का अप्रत्याशित रुख सामने आया. मैं घर पर था और किताब को लेकर काम कर रहा हूं. उसी दौरान टीवी देखा तो एक फ्लैश आया कि ट्रंप एक घंटे के लिए न्यूज़ कॉन्फ्रेंस करेंगे.

मैं व्हाइट हाउस के लिए निकला. वॉशिंगटन की सर्द सुबह में ईस्ट विंग के बाहर 45 मिनट तक इंतज़ार किया. मुझे पता था कि यदि मेरे पास कोई सवाल है तो उनसे पूछने के लिए उनके आगे रहना होगा.

वो आधे घंटे तक हमें फटकारते रहे.

उन्होंने मीडिया के बारे में कहा कि 'हम लोग नियंत्रण से बाहर थे. बेकाबू. असभ्य. विश्वास नहीं किया जा सकता है.' उनका कहना था कि हम सब बेईमान हैं. जंगली हैं बेकाबू हैं और हम पर विश्वास नहीं किया जा सकता.

फिर उन्होंने उन पत्रकारों को सवालों का मौका दिया जिन्हें वो जानते थे.

फिर मेरी नज़रें उनसे मिलीं. और फिर जो हुआ वो अक्षरश: ये है.

बहुत बहुत धन्यवाद मिस्टर प्रेसिडेंट. दिक्कत ये है....

ट्रंप: आप कहां से हैं?

बीबीसी

ट्रंप: लीजिए एक और आ गए.

हमारी लाइन है निष्पक्षत, स्वतंत्र और संतुलित..

ट्रंप: हां..हां...

मिस्टर प्रेसिडेंट...

ट्रंप: बिल्कुल सीएनए की तरह, है न...?

ट्रैवल बैन के मुद्दे पर.. हम एक दूसरे से बहस कर सकते हैं. क्या ट्रैवल बैन पर आप स्वीकार करते हैं कि यह सुचारू रूप से सरकार चलाने का एक अच्छा उदाहरण है...

ट्रंप: हां, बिल्कुल बिल्कुल. मैं आपको बताता हूं अपनी सरकार के बारे में.

क्या यहां कोई ग़लती हुई..

ट्रंप: थोड़ा इंतज़ार कर लो.... मैं जानता हूं कि आप कौन हैं. थोड़ा इंतज़ार कीजिए. मैं आपको ट्रैवल बैन के बारे में बताता हूं. हमलोग इस बहुत बढ़िया से चला रहे हैं लेकिन हमारे अदालतें ठीक नहीं हैं इसलिए यह ख़राब फ़ैसला बन गया.

Image caption डोनल्ड ट्रंप

मैंने अब तक जितनी न्यूज़ कॉन्फ्रेंस में शामिल हुआ उनमें से यह सबसे अजीब थी. मैं कहता रहा हूं कि इस राष्ट्रपति के बारे में कुछ भी कहना अप्रत्याशित है.

वह हमेशा ग़ुस्से में रहते हैं. जो कुछ भी उन्होंने हासिल किया है उस पर उन्हें गर्व है. उन्हें लगता है कि उन्होंने जो भी हासिल किया है उसका श्रेय नहीं मिल रहा है. वह भीड़ और चुनावी जीत से आत्ममुग्ध हैं.

मुझे तो यही समझ में आया कि जिस मीडिया को ट्रंप इतना कोसते हैं और घृणा करते हैं वो अपना ज्यादातर समय इसी मीडिया को देखते हुए बिताते हैं.

पता नहीं उनके पास राष्ट्रपति का काम करने के लिए समय कब बचता है?

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