'पाकिस्तान ने मारे 100 से ज़्यादा चरमपंथी'

इमेज कॉपीरइट Getty Images

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मशहूर सूफ़ी संत लाल शाहबाज़ कलंदर की दरगाह पर हमले के बाद हरकत में आई पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने 100 से ज़्यादा चरमपंथियों को मारने का दावा किया है.

पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने कहा कि पंजाब प्रांत समेत देश भर में कार्रवाई में 24 घंटों के भीतर 100 चरमपंथियों को मारा गया है और कई संदिग्धों को गिरफ़्तार किया गया है.

इमेज कॉपीरइट EPA

पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में सिंध में क़रीब 18 चरमपंथियों की मौत हो गई है और उत्तर पश्चिमी प्रांत में 13 लोगों की मौत हो गई है.

बाकी चरमपंथियों पर कहां कार्रवाई की गई ये साफ़ नहीं है.

पाकिस्तान में दरगाह पर आईएस का हमला, 76 की मौत

नज़रिया: क्या कभी पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम लगा सकेगा?

गुरुवार को सेहवन में मशहूर दरगाह पर आत्मघाती हमले में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 250 लोग घायल हुए थे.

चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी.

इमेज कॉपीरइट EPA

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी कमांडर जनरल जॉन निकोल्सन से बात कर पाकिस्तान हुए चरमपंथी हमले पर चिंता जताई है.

सेना ने एक बयान जारी कर कहा है, "सीमा पर कार्रवाई न करने की हमारी नीति की परीक्षा न ली जाए."

पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान सीमा से जुड़े सभी मार्गों को बंद किया है.

इसके अलावा पाकिस्तान सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान के दूतावास से अधिकारियों को तलब कर विरोध दर्ज कराया है कि चरमपंथी पाकिस्तान में हमलों के लिए अफ़गानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने अफ़ग़ानिस्तान को 76 मोस्ट वॉन्टेड चरमपंथियों की सूची सौंपी है जिन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में शरण ली है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

दरगाह पर हमले में मारे गए लोगों को शुक्रवार को सुपुर्दे-ख़ाक़ किया गया.

इमेज कॉपीरइट AFP

वहीं हमले के बाद भी शुक्रवार को सेहवन में लाल शहबाज़ कलंदर की दरगाह पर ज़ायरीनों का आना जारी रहा.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

दरगाह पर परंपरागत नक्कारा बजाया गया और ज़ायरीन शाम को सूफी नृत्य 'धमाल' की भी तैयारी कर रहे थे.

कई ज़ायरीनों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि दरगाह पर हमले की धमकियों के बावजूद सुरक्षा के इंतज़ाम नाकाफ़ी थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे