स्वीडन ने ट्रंप के बयान पर अमरीका से मांगी सफाई

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स्वीडन पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान को लेकर व्हाइट हाउस को सफाई देनी पड़ी है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने फ़्लोरिडा में एक रैली में कहा था, "आप देखिए जर्मनी में क्या हो रहा है, स्वीडन में कल रात क्या हुआ, स्वीडन ने बहुत लोगों को शरण दी. अब उनके सामने ऐसी परेशानियां हैं जो पहले कभी नहीं थीं. ब्रसेल्स में देखिए क्या हो रहा है, दुनिया को देख लीजिए क्या हो रहा है. पेरिस को ही लीजिए. हमने हज़ारों लोगों को अपने देश में आने दिया है. कोई छानबीन नहीं हुई, कोई कागज़ात नहीं थे, लेकिन हम अपने देश को सुरक्षित बनाएंगे."

ट्रंप के बयान पर स्वीडन ने अमरीका से जवाब मांगा था कि अमरीकी राष्ट्रपति किस घटना का ज़िक्र कर रहे थे.

फ़्लोरिडा की रैली में मीडिया पर जमकर बरसे ट्रंप

जब बीबीसी पत्रकार पर भड़के डोनल्ड ट्रंप

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व्हाइट हाउस ने कहा है कि डोनल्ड ट्रंप फ़्लोरिडा में रैली में अपने समर्थकों को संबोधित करते वक्त किसी एक ख़ास घटना का ज़िक्र नहीं कर रहे थे.

वहीं ट्रंप ने ख़ुद ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने स्वीडन में बढ़ते अपराध पर फ़ॉक्स न्यूज़ की एक रिपोर्ट के आधार पर बयान दिया था.

स्वीडन पर डोनल्ड ट्रंप के बयान के बाद सोशल मीडिया ट्विटर पर ट्रंप की खिल्ली उड़ाई गई. सोशल मीडिया पर #lastnightinSweden हैशटैग ट्रेंड करने लगा.

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ट्विटर पर स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ट ने ट्रंप के बयान पर सवाल खड़ा किया.

स्वीडन के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को चलाने की ज़िम्मेदारी हर हफ्ते अलग-अलग लोगों के पास होती है और इस हफ्ते एक स्कूल लाइब्रेरियन एमा जोहेनसन के पास इसकी ज़िम्मेदारी थी.

ट्रंप के बयान के बाद कई लोगों ने उनसे सवाल कर दिए.

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Image caption @sweden/Emma ने लिखा,'' कुछ भी तो नहीं हुआ स्वीडन में. कोई चरमपंथी हमला नहीं हुआ है यहां. मेलफ़ेस्ट की ख़बर सबसे बड़ी ख़बर है''

स्वीडन के अख़बार एफ़्टोनडेट की वेबसाइट पर शुक्रवार दिन भर की ख़बरों को प्रकाशित किया गया.

कुछ लोगों ने ट्विटर पर लिखा कि ट्रंप स्वीडन और पाकिस्तान के सेहवन के बीच गड़बड़ा गए होंगे जहां हाल ही में दरगाह पर आत्मघाती हमला हुआ था.

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Image caption ब्रिटेन के इतिहासकार साइमन स्कामा ने कहा, स्वीडन का सही संदेश दो लाख शरणार्थी, कोई आतंकवादी हमला नहीं

स्वीडन में 2013 से शरणार्थियों के लिए खुले दरवाज़ों की नीति लागू है लेकिन कोई चरमपंथी हमले नहीं हुए हैं.

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