'मेरा महीनों तक हर दिन रेप होता रहा'

अलबानिया
Image caption पिछले दो दशकों से अलबानिया मानव तस्करी की चपेट में है

ब्रिटेन में मानव तस्करी बढ़ रही है. 2015 के आंकड़ों के मुताबिक़ 3,266 लोग मानव तस्करी के शिकार हुए. पिछले साल के मुक़ाबले इसमें 40 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इनमें से सबसे ज़्यादा 600 लोग अल्बानिया से हैं.

बीबीसी की रीता चक्रवर्ती ने ब्रिटेन और अल्बानिया दोनों में मानव तस्करी की पीड़ितों से बात की.

दक्षिणी अल्बानिया में एक महिला शरणार्थी ने कहा कि उसे कई लोगों के साथ सोने पर मजबूर किया गया. तस्करी और हिंसा की पीड़ित ज़्यादातर स्कूली लड़कियां हैं. इनकी उम्र 10 से 12 साल के बीच है. ये हमें शर्माते हुए देख रही हैं. देखने में ये कहीं से भी युवा नहीं दिख रही हैं.

सभी ने क्रूरता और अपने शोषण के बारे में बताया. इनमें से कुछ बच्चियां तो मां बन गई हैं. ऐसा रेप के कारण हुआ है.

'रेप पीड़िता डरी हुई थीं कि कहीं पति न छोड़ दें'

'हर कोई इनका रेप करना चाहता है'

सेया जब 14 साल की थीं तभी उसे एक हिंसक घर में छोड़ दिया गया था. सेया को एक आदमी ने एक तस्कर गिरोह को बेच दिया था. सेया को लगा था कि वह उसका प्रेमी है.

Image caption सेया ने कहा कि उसे कई मर्दों के साथ सोने पर मजबर किया गया

बेचे जाने के बाद सेया ने ख़ुद को एक जुर्म के जाल में पाया. उसे महीनों हर दिन कई मर्दों और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ सोने पर मजबूर किया गया. रात में सोने के बदले इनसे ज़्यादा पैसे लिए जाते थे.

रेप पीड़ितों से नेताओं के मिलने में क्या ग़लत है?

सेया ने कहा, ''मैं उनसे नफ़रत करती हूं.'' मैं चाहती हूं कि उन्हें इस जुर्म के लिए सज़ा मिले. वे सज़ा के भागीदार हैं. इन्होंने स्वतंत्रता छीनी और इस्तेमाल किया. ग़ुलाम बनाया. यह बहुत अपमानजनक है.

अल्बानिया एक छोटा-सा देश है. 1990 में यहां साम्यवाद के ख़त्म होने के बाद अल्बानिया मानव तस्करी की चपेट में बुरी तरह से जकड़ गया.

अल्बानिया की पहचान ही तस्करी, अपहरण और मानव व्यापार के रूप में बन गई. यहां पर तस्कर पूरी तरह से संगठित हैं और ये अपनी क्रूरता के लिए जाने जाते हैं.

Image caption अन्ना ने कहा कि उसके साथ कई बार गैंग रेप हुआ

'कई मर्द हर दिन मेरा रेप करते थे'

अन्य पीड़ितों में से एक अना है. वह एक छोटे कस्बे से आई है. वह भी एक कथित प्रेमी की शिकार बनी. उसे ब्रिटेन की वेश्यावृत्ति में धकेल दिया गया. उसे यहां लाया गया था यह तो पता है पर उसे यह नहीं पता है कि कहां से लाया गया था.

उसने कहा, ''मुझे कहीं भूमिगत रखा गया था. चारों तरफ की दुनिया के बारे में मुझे कुछ भी पता नहीं था. वो मुझे कुछ भी देखने नहीं देते थे. मुझे उस इमारत में आंख बंदकर लाया गया था.''

अन्ना 20 साल की है. तस्करी से पहले वह वर्जिन थी. पूरे इंटरव्यू के दौरान वह रोती रही, लेकिन उसने साहस के साथ कहा कि वह अपनी कहानी बताना चाहती है. उसने याद करते हुए बताया कि कैसे उसके साथ हर दिन कई लोग रेप करते थे. ''वे हर दिन मेरे साथ ज़बरदस्ती रेप करते थे. मैं इसके बारे में कल्पना भी नहीं कर सकती.''

आख़िरकार अना वहां से भागने में कामयाब रही थी. अभी वह मुक्ति सेनादल के एक सुरक्षित घर में है. अना की एक बेटी है और वह उसके भविष्य के लिए ज़िंदा रहना चाहती है. वह अपनी बेटी को भविष्य की उम्मीद मानती है. सेया जैसी सैकड़ों की कहानी ब्रिटेन और पूरे यूरोप के लिए ख़तरे की घंटी है.

इन्होंने क्रूर अपराध को झेला है. मानव तस्करी में वयस्क पीड़ितों और आधुनिक दासों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. इस मामले में अलबानिया एक बड़ी चिंता है.

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