मारे गए भारतीय इंजीनियर की पत्नी ने अमरीका से पूछा

  • 25 फरवरी 2017
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
सुनयना दुमाला ने कहा कि वो केवल अपने पति नहीं बल्कि हर नस्ल के लोगों के लिए ये सवाल उठा रह

श्रीनिवास कुचीवोतला की निर्मम हत्या को 48 घंटे भी नहीं गुज़रे थे जब उनकी विधवा सुनयना दुमाला ने अमरीकी मीडिया के सामने आने का फ़ैसला किया.

मीडिया से बात करते हुए उनकी आंखें भरभरा उठती थीं. लेकिन उनका संदेश स्पष्ट था, बेबाक था.

उन्होंने कहा, "मुझे इस सरकार से जवाब चाहिए कि वो नफ़रत की बुनियाद पर हुई इस हिंसा को रोकने के लिए क्या करने जा रहे हैं."

उनका कहना था कि वो सिर्फ़ अपने पति के लिए नहीं बल्कि हर नस्ल के लोगों, एशियाई, अफ़्रीकी, अमरीकी, के लिए ये सवाल उठा रही हैं जिन्होंने अपने अपनों को इस तरह की हिंसा में खोया है.

इमेज कॉपीरइट AP

अमरीकी मीडिया और सोशल मीडिया में बहुत लोगों ने इस हमले को राष्ट्रपति ट्रंप के आप्रवासियों के ख़िलाफ़ दिए गए बयानों से प्रेरित बताया है लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस सोच को हास्यास्पद करार दिया है.

स्थानीय पुलिस ने अभी तक इसे नस्लवादी हमले की श्रेणी में नहीं रखा है.

उन्होंने कहा कि अख़बारों में जब कहीं गोलीबारी की ख़बर छपती थी वो और उनके पति अक्सर बातें करते थे कि क्या अमरीका में रहना सुरक्षित रह गया है. उनके पति का जवाब होता कि अभी कुछ दिन और देखते हैं.

सुनयना का कहना था, "मैं नहीं जानती हूं कि मैं उनकी मां को क्या जवाब दूंगी कि क्यों मैं उनके बेटे को नहीं बचा पाई."

श्रीनिवास कुचीवोतला अपने दोस्त आलोक मदासानी एक रेस्तरां में बैठे हुए थे जब एक गोरे अमरीकी ने उनपर गोली चलाई और अस्पताल में कुचीवोतला की मौत हो गई.

इमेज कॉपीरइट AP

सुनयना का कहना था कि हमलावर ने बड़े गर्व से एक बार में जाकर कहा कि उसने दो मुसलमानों को गोली मार दी है.

उनका कहना था, "उसने रंग के आधार पर कैसे ये फ़ैसला किया? क्या रंग ये बताता है कि आदमी मुसलमान है, हिंदू है या इसाई? और जहां तक मैं अपने पति को जानती हूं वो भी ये चाहते कि इस मामले में इंसाफ़ हो."

उन्होंने कहा कि वो यहां कि सरकार से यही कहेंगी कि उन्हें जब चाहें यहां आने की आज़ादी हो जिससे वो अपने पति का जो कामयाब होने का सपना था उसे पूरा कर सकें.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)