अब दक्षिण कोरिया को रासायनिक हथियारों का डर!

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कुछ ही लोग जानते होंगे कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नम की हत्या के लिए वीएक्स नर्व एजेंट रसायन ही क्यों चुना गया.

जिस संदिग्ध हमलावर ने किम नम के चेहरे पर इस विषैले तेल का इस्तेमाल किया, उसे भी शायद इस रसायन के बारे में ज़्यादा कुछ पता न हो.

उत्तर कोरिया में इसकी कितनी कुछ चर्चा है, ये तो नहीं पता, लेकिन दक्षिण कोरिया में अटकलों का दौर जारी है.

क्या ये उत्तर कोरिया की जानबूझकर दी गई चेतावनी है कि जनसंहार के लिए उसके पास सिर्फ़ परमाणु हथियार ही नहीं हैं, बल्कि सीमा पार वो दूसरे तरह के हथियारों से भी वार कर सकता है?

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या फिर ये सिर्फ़ एक व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर मारने का नया तरीक़ा भर था?

क्या है ये VX नर्व एजेंट रसायन?

ख़ैर, दक्षिण कोरिया में अख़बारों में ये मुद्दा सुर्खियों में है. सोमवार को जूंगांग डेली ने लिखा, "सरकार को देश को रासायनिक हथियारों के ख़तरे से बचाने के लिए अहम कदम उठाने चाहिए."

संपादकीय में चिंता जताई गई है कि उत्तर कोरिया इसी तरह के रसायन के साथ चरमपंथियों को भेज सकता है (वैसे ही जैसे उसने पाकिस्तान को परमाणु तकनीकी की संभावित आपूर्ति की थी या फिर सीरिया को संभावित तौर पर मिसाइल टेक्नोलॉज़ी दी.)

अख़बार लिखता है, "माना जाता है कि उत्तर कोरिया के पास 3000 से 5000 टन रासायनिक हथियारों का जखीरा है. अगर उत्तर कोरिया पैसे के बदले इन हथियारों को इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों और अन्य चरमपंथियों को बेचता है तो दुनिया के लिए बड़ा ख़तरा होगा."

किम पर हमले के लिए 'मिले थे सिर्फ़ 90 डॉलर'

इसमें कोई शक़ नहीं कि जिस तरह से किम जोंग की नम की हत्या हुई है, उससे दक्षिण कोरिया के लोगों में दहशत का माहौल है.

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भारी सुरक्षा के बीच चलने वालों को भी डर है कि सार्वजनिक स्थानों पर वो नव्र वीएक्स जैसे रसायन से हमले की स्थिति में कैसे बच पाएंगे.

दो साल पहले, दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में अमरीकी राजदूत तब बाल-बाल बच गए थे, जब सार्वजनिक स्थान पर उनके चेहरे पर ब्लेड से वार किया गया था. ऐसे में समझा जा सकता है कि वीएक्स रसायन से किसी भी शख्स की जान लेनी कितनी आसान होगी.

इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि सबसे अधिक ज़हरीला रासायनिक हथियार है. साफ और अंबर रंग का तैलीय तरल पदार्थ है. यह रंगहीन और गंधहीन होता है और वैज्ञानिक जाँच के बाद ही पता लगाया जा सकता है कि मौत की वजह ये रसायन था.

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