अब ऑस्ट्रेलिया में आराम से नहीं मिलेगी नौकरी

  • 2 मार्च 2017
फ़ॉस्ट फ़ूड इंडस्ट्री वीज़ा इमेज कॉपीरइट Getty Images

अमरीका के बाद अब ऑस्ट्रेलिया ने भी वर्किंग वीज़े पर सख़्ती करने की घोषणा की है.

ऑस्ट्रेलिया के इमीग्रेशन मंत्री पीटर डटन ने कहा है कि फ़ॉस्ट फ़ूड इंडस्ट्री में विदेशी कामगारों को वीज़ा देने की प्रक्रिया को ख़त्म कर दिया जाएगा.

इस निर्णय से सबसे अधिक भारतीय प्रवासी कर्मचारी प्रभावित होंगे क्योंकि वर्किंग वीज़ा पाने वालों में एक चौथाई भारतीय हैं.

फ़ैसले की घोषणा करते हुए पीटर डटन ने कहा कि यह निर्णय ऑस्ट्रेलियाई नौकरियों को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है.

सन् 2012 से लेकर अब तक मैकडोनल्ड्स, केएफ़सी और हंग्री जैक्स समेत अन्य कारोबारों में क़रीब 500 विदेशी कर्मचारियों को वर्किंग वीज़ा दिया गया है. इस वीज़ा को 457 के नाम से भी जाना जाता है.

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डटन के अनुसार, "ऑस्ट्रेलियाई कामगारों, खासकर नौजवानों को वरीयता देनी होगी." हालांकि उन्होंने कहा कि विशेष स्थितियों में वीज़ा देना जारी रहेगा.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सितम्बर में 457 वीज़ा पर कुल 95,758 लोग रह रहे थे जबकि 2015 में यह संख्या 1,03,862 थी.

इसमें सर्वाधिक 24.6 प्रतिशत भारतीय हैं, जबकि ब्रिटेन के 19.5 प्रतिशत और चीन के 5.8 प्रतिशत हैं.

2012 में जब विपक्षी लेबर पार्टी सत्ता में थी, एक समझौते के तहत फ़ॉस्ट फ़ूड इंडस्ट्री में काम के लिए विदेशी कामगारों को वर्किंग वीज़ा देने की शुरुआत हुई थी.

लेकिन लेबर पार्टी के रोज़गार प्रवक्ता ब्रेंडन ओ कॉनर ने इस फ़ैसले पर सवाल उठाए हैं.

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Image caption ऑस्ट्रेलिया अप्रवासन मंत्री पीटर डटन

कॉनर ने कहा है कि ये वीज़ा अकुशल कामगारों पर लागू नहीं होता है. जबकि डटन का कहना है कि यह निर्णय प्रबंधकीय कर्मचारियों को ही मुख्य रूप से प्रभावित करेगा.

हालांकि डटन की राय में वर्तमान व्यवस्था ऑस्ट्रेलियाई कामगारों को तरजीह नहीं देती.

उन्होंने कहा, "व्यवसायों को विदेशी कामगारों की ज़रूरत है, जो आर्थिक विकास में योगदान करते हों और उनके बारे में विचार किया जाएगा."

2012 से अबतक जारी किए गए 500 वीज़ा पाने वाले लोगों में से आधे से अधिक मैकडोनल्ड्स में काम कर रहे हैं, जबकि केएफ़सी और हंग्री जैक्स में क़रीब 100 लोगों को काम मिला है.

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Image caption इस निर्णय से सबसे अधिक भारतीय प्रवासी कर्मचारी प्रभावित होंगे क्योंकि वर्कर वीज़ा पाने वालों में एक चौथाई भारतीय हैं

क्या है 457 वीज़ा?

  • यह चार साल के लिए दिया जाता है और जिसके तहत कोई अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया में रह सकता है.
  • ये वीज़ा कुशल कामगारों की कमी को पूरा करने के लिए दिया जाता है.
  • कंपनियां तभी इस वीज़ा को स्पॉन्सर कर सकती हैं जब उन्हें कोई ऑस्ट्रेलियाई या स्थायी निवासी न मिले.
  • वीज़ा पाने वाले कर्मचारी ऑस्ट्रेलिया में आज़ादी से आ-जा सकते हैं.
  • साल 2016 में सर्वाधिक वीज़ा शेफ़, डेवलपर्स, प्रोग्रामर्स और मेडिकल कर्मचारियों को दिए गए थे.

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