वो शख़्स जो क़ब्र से करेगा लाइव ब्रॉडकास्ट

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Image caption इसी ताबूत में बंद होकर तीन दिन तक दफ़्न रहने वाले हैं एडवर्ड्स

अधिकांश लोगों के लिए ज़िंदा दफ़न होना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है, लेकिन आयरलैंड के डब्लिनर जॉन एडवर्ड्स तीन दिन तक क़ब्र में दफ़्न होने जा रहे हैं.

एडवर्ड्स ने ताबूत में ज़मीन में तीन फ़ुट नीचे दफ़्न होने की योजना बनाई है जो पूरी तरह सील बंद होगा. पूर्वी बेलफास्ट के विलोफ़ील्ड चर्च के मैदान में यह क़ब्र स्थित है.

हालांकि वो ताबूत में अकेले नहीं रहेंगे बल्कि वहां से वो सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी करेंगे. 61 साल के एडवर्ड्स को पहले ड्रग और शराब की लत थी, लेकिन पिछले दो दशक से वो इससे मुक्त हैं.

उनका दावा है कि '27 साल पहले ईश्वर से साक्षात्कार' के बाद उन्होंने ईसाई सुधार केंद्र और बेघर लोगों के लिए कई घर बनवाए.

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Image caption कब्र के अंदर से वो सोशल मीडिया के मार्फत बाहरी दुनिया से जुड़े रहेंगे

एडवर्ड्स के कुछ दोस्तों ने नशे और आत्महत्या के कारण ख़ुदकुशी कर ली थी. एडवर्ड्स अब ऐसे लोगों की काउंसिलिंग करते हैं. तीन दिनों तक उनका संदेश 'होप' क़ब्र से प्रसारित होगा.

उन्होंने बेलफास्ट टेलीग्राफ़ को बताया, "मेरी योजना है कि क़ब्र तक पहुंचने के पहले मुझसे बात की जाए और मुझे उम्मीद बंधाई जाए."

लेकिन उनका ताबूत औसत ताबूत के मुकाबले काफ़ी बड़ा है- लगभग 8 फ़ुट लंबा, 3.5 फ़ुट ऊंचा और 4 फ़ुट चौड़ा. इसमें टॉयलेट भी है और पाइप के माध्यम से हवा, पानी और खाने की व्यवस्था भी.

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Image caption एडवर्ड्स कब्र से ही लाइव चैट करेंगे और लोगों को उम्मीद बांधे रहने का संदेश देंगे

हालांकि एडवर्ड्स का यह पहला कारनामा नहीं है. पिछले साल इंग्लैंड के हैलिफ़ैक्स कस्बे में वो तीन दिन तक ज़मीन के अंदर गुज़ार चुके हैं.

यौन उत्पीड़न, दिमागी बीमारी और बेघर होने जैसी समस्याओं से जूझने के साथ ही साथ कभी ड्रग एडिक्ट रहे एडवर्ड्स का कहना है कि वो कई बार ओवरडोज़ का शिकार भी हुए.

हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त होने के बाद उन्हें लीवर प्रत्यारोपण से गुजरना पड़ा. वो दो बार कैंसर की बीमारी से बचे हैं.

उनका कहना है, "मैं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहता हूं."

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