चीन में बीबीसी टीम पर हमला, कैमरे तोड़े

Image caption चीन में सरकार के लोगों ने बीबीसी की टीम पर हमला किया और कैमरे तोड़ दिए.

चीन में बीबीसी की टीम पर सरकार के लोगों ने हमला किया है.

बीबीसी के पत्रकारों को एक चीनी याचिकाकर्ता का इंटरव्यू लेने की कोशिश की वजह से हलफ़नामे पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर भी किया गया.

बीबीसी की टीम हनान प्रांत के शिन्डू गांव के एक ग्रामीण यांग लिंगुआ का इंटरव्यू लेने उनके गांव गई थी, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया.

यांग लिंगुआ और उनकी बहन का कहना है कि उनके पिता की एक ज़मीन विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

वो चीन की उन हज़ारों याचिकाकर्ताओं में से एक हैं जो न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं.

इंटरव्यू लेने गए बीबीसी के रिपोर्टर जॉन सडवर्थ ने कहा, "हमें दोनों में से किसी से भी मिलने नहीं दिया गया. हमारे कैमरे तोड़ दिए गए. दोनों ही कार्यकर्ता अनधिकृत रूप से नज़रबंद हैं."

चीन की संसद की सलाना बैठक शुरू होने वाली है और चीन की सरकार नहीं चाहती है कि इन याचिकाकर्ताओं की वजह से इसमें कोई दख़ल पैदा हो.

बीजिंग में याचिका दायर करने वाले दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं जो याचिकाकर्ताओं को दफ़्तर के बाहर से ही पकड़ कर उन्हें घर वापस पहुंचा रहे हैं.

हमारे कैमरे तो वापस लौटा दिए गए, लेकिन हमसे एक हलफ़नामे पर हस्ताक्षर करवाया गया जिसमें लिखा हुआ था कि हम 'ग़ैर-कानूनी' इंटरव्यू लेने की कोशिश कर रहे थे.

एक हफ़्ता हो गया है लेकिन हमें अभी तक यांग बहनों की ओर से कोई भी संदेश नहीं मिला है.

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