जॉर्डन में चरमपंथी हमलों के लिए 10 को फांसी

  • 4 मार्च 2017
जॉर्डन इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption जॉर्डन ने कहा कि उन क़ैदियों को भी फांसी दी गई जिन्होंने 2003 में बगदाद में जॉर्डन दूतावास पर हमला किया था

जॉर्डन ने 15 क़ैदियों को फांसी पर लटका दिया है. जॉर्डन के अधिकारियों ने बताया इनमें से 10 क़ैदियों को चरमपंथ के मामले में दोषी ठहराया गया था. ये सारे क़ैदी जॉर्डन के ही थे.

जॉर्डन के सूचना मंत्री मुहम्मद मोमानी ने कहा कि शनिवार को इन्हें दक्षिणी अम्मान की एक जेल में फांसी दी गई.

इनमें से पांच क़ैदियों पर चरमपंथ का मामला नहीं था. इन पांचों को रेप और यौन हमले में दोषी ठहराया गया था. जॉर्डन में 2006 और 2014 के दौरान फांसी की सज़ा पर रोक थी.

जिन लोगों को फांसी दी गई है उनमें वे लोग भी शामिल थे जिन्हें 2003 में बगदाद में जॉर्डन के दूतावास पर हमले में दोषी ठहराया गया था. इसके साथ ही 2006 में जॉर्डन की राजधानी अम्मान में रोमन एम्फिथिएटर और 2016 में बक्क़ा शराणार्थी कैंप में खुफ़िया अधिकारियों पर हमले के साथ लेखक नाहिद हत्तार की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए लोग भी शामिल थे.

मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जॉर्डन के फांसी देने के क़दम की कड़ी निंदा की है.

एमनेस्टी ने अपने बयान में कहा है, ''फांसी को लेकर जिस तरह की गोपनीयता बरती गई वह डराने वाली है."

जॉर्डन मध्य-पूर्व के उन देशों में से एक है जहां फांसी की सज़ा को फिर से बहाल कर दिया गया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे