'कश्मीर भारत के हाथों से निकलने के क़रीब'

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भारत और पाकिस्तान ने छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो पाकिस्तानी अख़बारों में दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान रद्द उल फ़साद और भारत-पाक संबंध से जुड़ी ख़बरें छाई रहीं.

भारतीय अख़बारों में उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा से जुड़ी ख़बरों ने सुर्ख़ियां बटोरी.

पहले बात पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की.

पाकिस्तान ने साफ़ किया है कि उसके क़ब्ज़े में रहे कथित भारतीय जासूस कुलभूषण यादव को भारत के हवाले नहीं किया जाएगा और उन पर बाक़ायदा मुक़दमा चलेगा.

अख़बार 'जंग' ने सुर्ख़ी लगाई है 'कुलभूषण पर मुक़दमा, भारत को नहीं देंगे'. अख़बार लिखता है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ इस बारे में सोमवार को संसद में बयान देंगे.

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Image caption पाकिस्तान ने कथित भारतीय जासूस कुलभूषण यादव को ईरान के रास्ते देश में दाख़िल होने के आरोप में गिरफ़्तार किया था.

अख़बार के मुताबिक़ शुक्रवार को सदन में पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने कहा कि कुलभूषण यादव के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है और अब उन पर मुक़दमा चलेगा.

सरताज अज़ीज़ ने बताया कि कुलभूषण से जुड़ा एक सवालनामा भारत को भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अंदरुनी मामलों में भारत के कथित हस्तक्षेप का पूरा सबूत संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भी भेज दिया गया है.

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अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' ने भारत के पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के भारत प्रशासित कश्मीर पर दिए गए एक बयान को पहले पन्ने पर जगह दी है.

अख़बार के मुताबिक़ चिदंबरम ने हैदराबाद में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार की ग़लत नीतियों और अंधाधुंध ताक़त के इस्तेमाल के कारण भारत प्रशासित कश्मीर भारत के हाथों से निकलने के क़रीब है.

अख़बार के अनुसार चिदंबरम ने कहा कि मोदी की केंद्र सरकार ने अगर जल्द ही सही क़दम नहीं उठाए तो घाटी में हालात और ख़राब हो सकते हैं.

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नवाज़ शरीफ़ का एक बयान भी सारे अख़बारों में छाया रहा जिसमें उन्होंने कहा कि क्षेत्र, रंग या पंथ का भेदभाव किए बग़ैर चरमपंथ के ख़िलाफ़ जंग जारी रहेगी और उसका ख़त्मा कर दिया जाएगा.

अख़बार 'एक्सप्रेस' ने लिखा है, ''इलाक़ा देखेंगे न रंग, दहशतगर्दी ख़त्म कर देंगे'' अख़बार लिखता है कि राजधानी इस्लामाबाद में नवाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में सुरक्षा समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में पाकिस्तान भर में चरमपंथ के ख़िलाफ़ शुरू किए गए अभियान रद्द उल फ़साद की समीक्षा की गई.

बैठक में नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि ये अभियान बताता है कि दहशतगर्दी को ख़त्म करने के लिए पूरा पाकिस्तान एक साथ खड़ा है.

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वहीं अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' ने सुर्ख़ी लगाई है, ''राजनेता और इरादे मिलकर चलें तो मुसीबतों से निजात पा सकते हैं: नवाज़ शरीफ़.''

अख़बार के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि वज़ीरिस्तान में एक नए दौर का आगमन हुआ है और इसके लिए पाकिस्तान की सभी सियासी पार्टियों को मिलकर काम करना होगा और नकारात्मक राजनीति छोड़नी होगी.

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अख़बार 'दुनिया' ने लिखा है कि भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने पाकिस्तान की नई विदेश सचिव तहमीना जंजुआ के मातहत काम करने से इनकार कर दिया है.

अख़बार के मुताबिक़ अब्दुल बासित तहमीना जंजुआ से दो बैच सीनियर हैं इसी वजह से उन्होंने ये क़दम उठाया है. पहले पाकिस्तानी मीडिया में ख़बर आई थी कि अब्दुल बासित पाकिस्तान के अगले विदेश सचिव होंगे, लेकिन तभी अचानक तहमीना जंजुआ को विदेश सचिव बना दिया गया.

अख़बार के मुताबिक़ अब्दुल बासित के अलावा भी कुछ और अधिकारी इस फ़ैसले से नाराज़ हैं और बासित रिटायरमेंट लेने पर विचार कर रहे हैं.

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भारत से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में हो रहे चुनाव की ख़बरें ही सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.

अख़बार 'सहाफ़त' ने लिखा है कि आख़िरी चरण की चुनावी मुहिम में धार्मिक शहर बनारस सियासी रंग में सराबोर हो गया है.

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अख़बार लिखता है कि आठ मार्च को बनारस में वोट डाले जाएंगे लेकिन उससे पहले ही सारा शहर सियासी रंग में डूबा हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल के साथियों और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ शहर में कैंप किए हुए हैं.

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी दल कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बनारस में रोड शो किया. इस रोड शो में अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव भी शामिल हुईं.

बसपा प्रमुख मायावती ने भी एक रैली की जिसमें भारी संख्या में उनके समर्थक शामिल हुए.

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