कोर्ट ने स्कैंडल में फंसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति को हटाया

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption पार्क गुन-हे

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क गुन-हे को उनके पद से हटा दिया गया है.

गुन-हे दक्षिण कोरिया की ऐसी पहली लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई राष्ट्रपति हैं, जिन्हें हटाया गया है.

न्यायाधीशों ने संसद के फ़ैसले को बरकरार रखा. संसद ने भ्रष्टाचार कांड में गुन-हे की भूमिका के लिए उनके ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने की मंज़ूरी दी थी.

पार्क गुन-हे ने राष्ट्रपति को मिलने वाले विशेषाधिकार भी खो दिए हैं और अब उनके ख़िलाफ़ मुकदमा भी चलाया जा सकता है.

आठ सदस्यों की संवैधानिक पीठ ने कहा कि गुन-हे को हटाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं. अदालत ने कहा कि पार्क गुन-हे ने कई सरकारी दस्तावेज लीक किए और चोई को सरकारी काम में दखल देने की इजाज़त देकर क़ानून का उल्लंघन किया.

एक पिल्ले ने कराई राष्ट्रपति की विदाई?

पार्क गुन-हे पर क्या थे आरोप?

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption कोर्ट के बाहर पार्क गुन-हे के कई समर्थक रोने लगे

दरअसल, पिछले साल के आखिरी में दक्षिण कोरिया में विशाल प्रदर्शन हुए थे. इन प्रदर्शनों की वजह थी राष्ट्रपति और उनकी मित्र पर लगे आरोप.

चोई सून-सिल राष्ट्रपति की सहयोगी रही हैं और भ्रष्टाचार कांड की केंद्र बिन्दु हैं.

आरोप हैं कि गुन-हे की इस पुरानी मित्र ने अपने करीबी संबंधों का फ़ायदा उठाते हुए कई बड़ी कंपनियों से वित्तीय लाभ हासिल किए. साथ ही कई अहम सूचनाएं लीक होने के आरोप भी लगे हैं.

चोई पर यह भी आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रपति से संबंधों का फायदा उठाकर कंपनियों पर दबाव बनाया और लाखों डॉलर की रकम रिश्वत के रूप में ली. आरोप हैं कि इसमें पार्क भी शामिल थीं.

राष्ट्रपति कार्यालय और वायग्रा की 400 गोलियां

गुन-हे और उनकी दोस्त

इमेज कॉपीरइट Getty Images

1974 में पार्क गुन हे की मां को उत्तर कोरियाई जासूस ने मार दिया था. इनका इरादा पार्क के पिता की हत्या का था. तब पार्क की उम्र 22 साल थी. वह यूरोप में पढ़ाई कर रह थीं.

1979 में पार्क के पिता की भी हत्या हो गई थी. पार्क के पिता सैन्य प्रमुख और राष्ट्रपति रहे थे. पार्क की दोस्ती इसी उठापटक के बीच चोई सून-सिल से हुई थी.

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि पार्क कठपुतली की तरह काम कर रही थीं. हालांकि कई लोगों का कहना है कि ये सनसनीखेज दावे अप्रमाणिक हैं. आधिकारिक जांच में चोई पर सरकार की नीति को प्रभावित करने और गोपनीय सूचनाएं हासिल करने की बात शामिल है.

पिछले साल 20 नवंबर को चोई के ख़िलाफ़ विभिन्न मामलों में आरोप तय किए और अब उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चल रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)