यमन में शरणार्थियों की नाव पर हमला, 42 मरे

  • 17 मार्च 2017
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सोमाली शरणार्थियों से भरी एक नाव पर यमन के समुद्र में हेलीकॉप्टर से की गई गोलीबारी में 42 लोगों की मौत हो गई है.

इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन फॉर माइग्रेशन नाम की संस्था का कहना है कि बाल अल मंदाब जलडमरूमध्य के क़रीब हुई घटना में मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.

घटनास्थल से मिली तस्वीरों में शवों से भरी नाव नज़र आ रही है.

यमन में गृहयुद्ध की वजह से 20 लाख बच्चे ख़तरे में

शुक्रवार को हुई एक अन्य घटना में यमन के एक सैन्य ठिकाने के भीतर मस्जिद पर हुए हमले में कम से कम 22 लोग मारे गए थे.

अधिकारियों के मुताबिक मरीब के पश्चिम में कोफ़ल सैन्य शिविर पर की मस्जिद पर दो मिसाइल दागे गए थे.

नाव हादसा

नाव हादसे में मारे गए शरणार्थियों के पास संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संस्था द्वारा जारी पहचान पत्र था.

आईओएम के मुताबिक इस घटना में क़रीब 80 लोगों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया है.

अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है या फिर हमला किसी जंगी जहाज़ से हुआ था या किसी हेलीकॉप्टर से.

हूथी विद्रोहियों के नियंत्रण वाले हुदैदा पोर्ट में तैनात एक तटरक्षक ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया कि नाव पर हेलिकॉप्टर से हमला किया गया.

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Image caption यमन की राजधानी सना में हूथी समर्थक रैली

विद्रोहियों के नियंत्रण वाली सबा न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि शरणार्थियों पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन सेना ने हमला किया जो दो साल से यमन में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ रही है.

लेकिन बंदरगाह के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि शरणार्थियों पर हल्के हथियारों से हमला किया गया.

अकाल की कगार पर यमन

हालांकि यमन की हवाई सीमा को नियंत्रित करनेवाले गठबंधन ने इस घटना पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

अभी ये जानकारी भी नहीं मिल सकी है कि शरणार्थियों से भरी नाव कहां से कहां जा रही थी.

अधिकारियों का कहना है कि जीवित बचे सोमाली और यमन के तीन तस्करों को शहर की जेल में ले जाया गया है.

मानवीय संकट के बावजूद जिसने यमन को अकाल की कगार पर पहुंचा दिया है, अफ्रीका के कुछ प्रवासी अभी भी युद्ध का सामना कर रहे देश में आ-जा रहे हैं.

यूएनएचसीआर के अधिकारियों का कहना है कि नाव में सवार लोग संभवत: यमन के ख़राब होते हालात से बचकर सूडान या उत्तरी अफ्रीका के दूसरे देशों की तरफ़ जा रहे थे.

सोमालिया में भी अकाल और सूखे के हालात हैं. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 2011 के सूखे और दशकों से जारी गृह युद्ध की वजह से क़रीब 30 लाख लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं.

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