हिज़्बुल्लाह ने अपने कमांडर को 'मारा'

  • 22 मार्च 2017
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इस्रायली सेना प्रमुख ने अरब मीडिया में आ रही ख़बरों को हवा दी है कि हिज़्बुल्लाह खुद अपने कमांडर की हत्या में शामिल था.

हिज़्बुल्लाह कमांडर मुस्तफा अमीन बदरुद्दीन की हत्या 2016 में हुई थी.

इस्रायली खुफ़िया विभाग के लेफ़्टिनेंट जनरल गादी आइसेनकोट भी इस नतीजे पर पहुंचे थे कि मुस्तफा अमीन को उनके ही आदमियों ने मारा था.

मुस्तफा अमीन दमिश्क के पास एक धमाके में मारे गए थे. लेबनान के शिया चरमपंथी गुट ने सुन्नी चरमपंथी विद्रोहियों पर इसका आरोप लगाया था.

'हिज़बुल्लाह कमांडर की हत्या के पीछे जिहादी'

बदरुद्दीन के बारे में माना जाता है कि वो साल 2011 से सीरिया में अपने गुट का अभियान चला रहे थे.

हिज़्बुल्लाह सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में पूरी शिद्दत से शामिल है और उसने राष्ट्रपति बशर अल असद का साथ देने के लिए अपने हज़ारों लड़ाके लगा रखे हैं.

इसी महीने की शुरुआत में अरब के न्यूज़ नेटवर्क अल अरबिया ने बताया कि बदरुद्दीन के मौत की उसकी पड़ताल का नतीजा बताता है कि कमांडर को हिज़्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह के आदेश पर मारा गया.

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रिपोर्ट में कहा गया कि हसन नसरल्लाह पर बदरुद्दीन को हटाने के लिए मेज़ जनरल क़ासिम सुलेमानी ने दबाव बनाया था.

कासिम सुलेमानी इरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की अंतरराष्ट्रीय अभियान शाखा प्रमुख और सीरियाई सेना के सलाहकार हैं.

एसोसिएटेड प्रेस का कहना है कि इस्रायली खुफ़िया एजेंसी का मानना है कि बदरुद्दीन इरानी सैन्य कमांडरों के साथ विवाद में पड़ गए थे.

13 मई 2016 को हिज़्बुल्लाह ने कहा कि बदरुद्दीन दमिश्क एयरपोर्ट के पास उसके ठिकाने के पास हुए एक धमाके में मारे गए हैं.

हिज़बुल्लाह कमांडर की बम विस्फोट में मौत

लेबनान की अल मायादीन टीवी की एक शुरूआती रिपोर्ट में कहा गया कि 55 साल के बदरुद्दीन एक इस्रायली हमले में मारे गए हैं. बाद में हिज़्बुल्ला की अल मनार वेबसाइट पर जो बयान जारी हुआ उसमें इस्रायल का नाम नहीं था. इस्रायल ने भी इस घटना में कथित तौर पर शामिल होने के मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

हिज़्बुल्लाह और इस्रायल के बीच कट्टर दुश्मनी है और 2006 में दोनों 33 दिनों की जंग भी लड़ चुके हैं.

माना जाता है कि इस्रायल ने सीरिया में हिज़्बुल्लाह के लिए हथियार ले जा रहे काफिलों पर कई बार हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में कई हिज़्बुल्ला के कई बड़े लड़ाके मारे गए हैं, हालांकि इस्रायल ने कभी इन दावों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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मंगलवार को जनरल आइजेनकोट ने कहा कि अरब मीडिया में जो ख़बरें हैं कि हिज़्बुल्लाह ने कमांडर बदरुद्दीन को मारा वो हमारी "खुफिया जानकारी" से मेल खाती हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि ये हत्याकांड, "हिज़बुल्लाह में चल रहे अंदरूनी संकट की गहराई" बताता है.

बदरुद्दीन इमाद मुघनियेह के रिश्ते का भाई था. मुघनियेह हिज़्बुल्लाह की सैन्य शाखा का प्रमुख था. 2008 में दमिश्क में एक कार बम धमाके में उसकी मौत हो गई. ये इस्रायल की खुफ़िया एजेंसी मोसाद और अमरीका की खुफ़िया एजेंस सीआईए की कथित रूप से संयुक्त कार्रवाई थी.

बदरुद्दीन को हेग की अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत ने लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफीक हरीरी की हत्या की साजिश रचने का दोषी माना था.

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