चैनल जहाँ राजनेता पूछते हैं सवाल, अभिनेता पढ़ते हैं ख़बरें

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विवादों और क़ानूनी पचड़ों में महीनों फंसे रहने वाला एक पाकिस्तानी टीवी चैनल गलाकाट मीडिया प्रतिस्पर्द्धा में नायाब तरीके से जगह बनाने में लगा है.

बोल टीवी पूर्व राष्ट्रपतियों को विश्लेषक और लोकप्रिय अभिनेताओं को होस्ट के रूप पेश कर वो दर्शकों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद कर रहा है.

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इस निजी उर्दू चैनल का प्रसारण अक्टूबर 2016 से शुरू हुआ है और तबसे इसका रवैया सेना की ओर झुकाव वाला और भारत विरोधी रहा है.

विवाद

यह चैनल 2015 में लॉन्च होना था लेकिन उससे पहले ही इसकी मूल कंपनी एक्सैट, फ़र्ज़ी विश्वविद्यालय की डिग्री जारी करने के विवाद में फंस गई.

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मई 2015 में न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें कहा गया था कि यह दसियों लाख डॉलर का घोटाला था. हालांकि एक्सैट ने इन दावों का खंडन किया.

इसके बाद सरकार ने जांच शुरू कर दी और कंपनी का दफ़्तर सील कर दिया गया और बोल के सीईओ और अन्य अधिकारी 15 महीने तक जेल में रहे.

एक्सैट और बोल के सीईओ शोएप अहमद शेख को अगस्त 2016 में जमानत मिली.

अभी हाल तक इसकंपनी को देश के मीडिया नियामक के साथ मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिसने सनसनी वाली कवरेज के कारण इसके कुछ टॉक शो पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था.

जनवरी में पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्युलेटरी अथॉरिटी (पेमरा) ने विवादित होस्ट आमिर लियाक़त और उनके डेली टीवी शो को "नफ़रत फैलाने वाले भाषण, अपमानजनक टिप्पणी और हिंसा भड़काने" के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया था.

बैन के बावजूद बोल टीवी ने इस कार्यक्रम को प्रसारित किया जिसकी वजह से पेमरा के साथ क़ानूनी लड़ाई चल रही है.

टीवी में पूर्व राष्ट्रपति

Image caption परवेज़ मुशर्रफ़

बोल टीवी ने अपने साप्ताहिक कार्यक्रमों में पूर्व राष्ट्रपतियों परवेज़ मुशर्रफ़ और आसिफ़ अली ज़रदारी को विश्लेषक के रूप में पेश किया.

मुशर्फ़ के टॉक शो 'मुशर्रफ़ के साथ सबसे पहले पाकिस्तान' का पहला एपिसोड 26 फ़रवरी को प्रसारित किया गया.

दुबई में स्वनिर्वासन में रहने वाले इस पूर्व सैन्य शासक पर पाकिस्तान में कई आपराधिक मामले हैं. वीडियो लिंक के द्वारा इस कार्यक्रम वो शामिल हुए.

इसके कुछ सप्ताह बाद बोल नेटवर्क ने घोषणा की कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी भी रविवार के अन्य शो में मौजूद रहेंगे. उनका शो रात में स्थानीय समयानुसार 9.30 बजे जबकि मुशर्रफ़ के शो रात 8 बजे प्रसारित होगा.

ज़रदारी के पहले शो का नाम था- 'राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के साथ पाकिस्तान खापाय (पाकिस्तान को हां)'

यह 19 मर्च को प्रसारित हुआ जिसमें कराची से लाईव शामिल हुए.

Image caption आसिफ़ अली ज़रदारी

पूर्व राष्ट्रपति ने घरेलू मोर्चे पर पाकिस्तान की चुनौतियों के बारे में बात की और विदेश मंत्री नियुक्त करने में असफल रही सरकार पर चिंता व्यक्त की.

हालांकि ज़रदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रवक्ता और सांसद फ़रहतुल्लाह बाबार ने कहा कि पूर्व नेता ने बोल को साक्षात्कार दिया था और नियमित रूप से विश्लेषक के तौर पर चैनल में आने का उनकी कोई योजना नहीं है.

हालांकि इस लेकर चैनल की कुछ आलोचना भी हुई थी कि वो इन दो नेताओं को अपने 'खास नज़रिये' को प्रसारित कर रहा है.

दि नेशन ने 21 मार्च को लिखा, "दोनों नेता मुशर्रफ़ और ज़रदारी अपनी अपनी पार्टियों के नेता हैं और अगर समाचार चैनल उनके खुद के विचारों को प्रसारित करता है तो ये पूरे माहौल को एक नए स्तर पर ले जाएगा."

अख़बार का कहना है कि अधिक टीवी टाइम देना, इन नेताओं को 2018 में होने वाले आम चुनावों के पहले अपने समर्थक बढ़ाने में मदद करेगा.

अभिनेता बने होस्ट

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इसके अलावा बोल टीवी ने लोकप्रिय अभिनेताओं और मीडिया के जाने माने चेहरों को न्यूज और समसामयिक मामलों वाले शो में होस्ट रखना शुरू किया है.

इसे चैनल की अपनी लोकप्रियता बढ़ाने का उपाय माना जा रहा है.

अभिनेताओं में मशहूर टीवी अभिनेता हमज़ा अली अब्बासी भी शामिल हैं, जिनके ट्विटर पर क़रीब 1 लाख 40 हज़ार फ़ॉलोवर हैं. उनका फ़ेसबुक पेज भी उतना ही लोकप्रिय है.

अब्बासी के शो का नाम है 'बोल न्यूज़ हेडक्वार्टर्स'.

उनके अलावा साज़िद हसन 'ब्रेकिंग टुडे' और अली सलमान 'रीयल पॉलिटिक्स' प्रेजेंट करते हैं.

लोकप्रियता

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Image caption बोल टीवी ने अपने विज्ञापन में लिखा है, 'हमारे परिचालन के मूल में देशभक्ति है.'

पिछले साल बोल टीवी ने कहा था कि इसके शुरुआती ट्रांसमिशन को 300 प्रतिशत ऊंची रेटिंग मिली थी लेकिन किसी स्वतंत्र स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हुई थी.

बोल कोई कॉमर्शियल विज्ञापन नहीं देता है इसलिए भी उसके दावों पर संदेह होता है. इसका लाइव कवरेज भी बहुत सीमित है और इससे लगता है कि इसके पास रिपोर्टरों और स्रोतों की कमी है.

यह लगातार 'विज्ञापनदाताओं के लिए संदेश' चलाता है जिसमें कहा जाता है कि, 'हम अभी विज्ञापन नहीं ले रहे हैं. हमारा पहला प्यार पाकिस्तान है. हमारा प्राथमिक उद्देश्य है सकारात्मक पाकिस्तान दिखाना. हम आपके सहयोग का मान रखते हैं. आपके उत्पाद हमारी वरीयता में होंगे. अभी फिलहाल, हमारा उत्पाद है पॉज़िटिव पाकिस्तान.'

(बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फ़ेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)

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