पाकिस्तान में फ़ेसबुक पर प्रतिबंध नहीं: कोर्ट

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पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया साइट फ़ेसबुक ने कथित इस्लाम विरोधी सामग्री को हटाने के लिए क़दम उठाए हैं और इस तरह की 85 फ़ीसद सामग्री को हटा भी दिया गया है.

इस्लामाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने हालाँकि स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध इस समस्या का समाधान नहीं है.

हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी जिसमें कहा गया था कि अगर सरकार ईशनिंदा के जुड़ी कथित सामग्री को सोशल मीडिया साइट्स से हटाने में विफल रहती है तो पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए.

पाकिस्तान सरकार का पक्ष रखते हुए गृह मंत्रालय के सचिव आरिफ़ ख़ान ने अदालत को बताया कि फ़ेसबुक से इस्लाम विरोधी 85 फ़ीसदी सामग्री को हटा दिया गया है और कुछ को हटाने की कार्रवाई जारी है.

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पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में इस बारे में फ़ेसबुक को कार्रवाई करने के लिए लिखा था.

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हालाँकि फ़ेसबुक ने सार्वजनिक तौर पर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा, लेकिन कुछ ख़बरों में कहा गया है कि कंपनी अपना एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेजने की योजना बना रही है.

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पिछले हफ्ते पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर ईशनिंदा पोस्ट के संदेह में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

पिछली सुनवाई में जस्टिस शौकत सिद्दीकी ने कहा था कि अगर फ़ेसबुक ईशनिंदा से संबंधित सामग्री ब्लॉक नहीं करता तो देश में फ़ेसबुक पर प्रतिबंध का आदेश दिया जा सकता है.

लेकिन सोमवार को होने वाली सुनवाई के दौरान अदालत ने विभिन्न विभागों द्वारा ईशनिंदा सामग्री की पहचान करने और उसे हटाने के लिए अब तक किए गए उपायों पर संतोष जताया.

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