लंदन हमले के विरोध में जमा हुई महिलाएं

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Image caption 'बांटने वाली ताक़तों' के ख़िलाफ़ महिलाओ का विरोध प्रदर्शन

ब्रितानी संसद के बाहर हुए हमले के ख़िलाफ़ महिलाओं ने वेस्टमिंस्टर ब्रिज़ पर जमा होकर प्रदर्शन किया.

लंदन की मशहूर घड़ी बिग बेन में जब शाम के चार बजने की घंटियां बजीं तो एक लंबी पंक्ति बनाकर महिलाओं ने पांच मिनट तक प्रदर्शन किया.

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लाइन में खड़ी महिलाओं ने एक-दूसरे का हाथ थाम रखा था.

स्कार्फ़ पहन प्रदर्शन

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Image caption प्रदर्शन कर रही कुछ महिलाएं अपनी बेटियों के साथ भी थीं.

प्रदर्शन कर रही कई महिलाओं ने स्कार्फ़ बांध रखा था. उनका कहना था कि नीला रंग उम्मीदों का प्रतीक है, इसीलिए उन्होंने स्कार्फ़ बांधा हुआ था.

बीते बुधवार को ख़ालिद मसूद नाम के शख़्स ने संसद के पास राह चलते लोगों पर गाड़ी दौड़ा दी. उन्होंने एक पुलिस अफ़सर पर चाकू से हमला भी किया. इस वारदात में पुलिस अफ़सर समेत चार लोग मारे गए.

प्रदर्शन कर रही कुछ महिलाएं अपनी बेटियों के साथ भी थीं.

'वीमन्स मार्च ऑन लंदन' ने इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था. इस संस्था ने अमरीका में डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर काम करने के पहले दिन भी अंतरराष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन किया था.

नफ़रत नफ़रत को नहीं हराती

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प्रदर्शन में शिरकत करने वाली सारा वसीम ने कहा कि 'इस्लाम किसी तरह की हिंसा की पूरी तरह निंदा करता है.'

उन्होंने कहा, "लंदन में कहीं हमला होता है तो यह मुझ पर हमला है, हम सब पर हमला है."

'वीमन्स मार्च ऑन लंदन' ने अपने फ़ेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर लंदन प्रदर्शन की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं.

इसमें कहा गया है कि संगठन ने मारे गए लोगों के लिए दुख जताने, घायलों के प्रति समर्थन प्रकट करने और लोगों को 'डराने और बांटने वाली ताक़तों' के ख़िलाफ़ एकजुटता दिखाने के लिए यह कार्यक्रम रखा था.

नताशा गुडिंग ने ट्वीट किया, "हम युनाइटेड किंग्डम हैं, हम एकजुट ही रहेंगे. एकता और प्रेम हमेशा ही नफ़रत से ज़्यादा ताक़तवर रहेगा."

रोशन्ना मेंहदियां ने लिखा, "अंधेरा कभी अंधेरा को नहीं हरा सकता. सिर्फ़ प्रकाश ही ऐसा कर सकता है. नफ़रत कभी नफ़रत को नहीं हरा सकती, सिर्फ़ प्रेम ही प्रेम को हरा सकता है."

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