मॉडल जिसे बीमारी की वजह से पड़े निशान दिखाने से परहेज नहीं

  • 28 मार्च 2017

"मेरे लिए बिकिनी पहनकर स्टेज पर खड़े होना आसान नहीं है. मेरी पीठ पर 25 इंच लंबा निशान है. और लोगों को वो साफ़-साफ़ दिखाई पड़ता है. हर कोई इसे देख सकता है."

मैनचेस्टर की 22 साल की विक्टोरिया ग्राहम अमरीका के मेरीलैंड में पढ़ाई करती हैं. उनका ग्लैमर जगत में आना और ब्यूटी पेजेंट्स का हिस्सा बनने का सफ़र बेहद दिलचस्प और रोचक है.

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एक नज़र में वो बाकी प्रतियोगियों जैसी ही दिखती हैं लेकिन विक्टोरिया, एलर्स डनलोस सिंड्रोम (ईडीएस) नाम की दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी से ग्रस्त हैं.

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ये बीमारी शरीर के ऊतकों को प्रभावित करती है जिसकी वजह मरीज़ के जोड़ जैसे घुटना, कंधा, कोहनी वगैरह में ज़रूरत से ज़्यादा मूवमेंट या गति होती है.

अपने पहले ब्यूटी पेजेंट को याद करते हुए विक्टोरिया कहती हैं, "मैं जब स्टेज पर पहुंची तो दूसरी प्रतियोगियों को देखकर हैरान रह गई. वो सभी बेहद ख़ूबसूरत और लंबी लड़कियां थीं. मैंने अपने पापा से इशारे में पूछा कि मैं यहां कर क्या रही हूं."

विक्टोरिया हमेशा से अपनी बीमारी को लेकर इतनी खुली नहीं थीं.

19 साल की उम्र तक उन्होंने अपनी बीमारी सबसे छुपाई.

वो कहती हैं, "भले ही मेरा पैर मुड़ जाए या कोई चोट लग जाए मैं नी ब्रेस नहीं पहनती थी. वर्ना लोग मुझसे पूछते और मुझे अपनी बीमारी के बारे में उन्हें बताना होता."

लेकिन फिर उन्होंने फ़ैसला किया कि बीमारी के बारे में बात करने से वो औरों के ,सामने ज़्यादा सहज महसूस करेंगी और इस बीमारी से पीड़ित दूसरे मरीज़ों की मदद कर पाएंगीं.

विक्टोरिया बचपन में जिम्नास्टिक की प्रैक्टिस करती थीं तब उनके कोच उनसे कहते थे, "तुम्हारे शरीर में ज़रूरत से ज़्यादा लचक है."

फिर 10 साल की उम्र में जिम्नास्टिक्स करते हुए वो एक एक्सीडेंट का शिकार हो गईं.

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वो बताती हैं, "मुझे बार-बार चोट लग रही थी जो सामान्य बात तो नहीं ही थी."

ईडीएस का पता लगाना बहुत मुश्किल है. उनके परिवार ने तीन सालों तक कई विशेषज्ञों से परामर्श लिया तब 13 साल की उम्र में उन्हें पता लगा कि वो इसकी शिकार हैं.

विक्टोरिया कहती हैं, "ईडीएस का कोआ इलाज नहीं है लेकिन फिर भी मैं ख़ुश थी कि चलो कम से कम मैं जिस बीमारी से पीड़ित हूं उसका नाम तो मुझे पता लगा."

विक्टोरिया की दादी को भी यही बीमारी थी. उन्हें 70 साल की उम्र तक पता ही नहीं चला कि वो ईडीएस से पीड़ित हैं.

जब विक्टोरिया को इस बीमारी का पता चला तभी ये भी पता लगा कि उनकी मां, भाई और दूसरे रिश्तेदार भी ईडीएस से कम या ज़्यादा रूप से पीड़ित हैं.

2014 से 2016 तक विक्टोरिया के ब्रेन और स्पाइन में 10 ऑपरेशन हुए.

वो कहती हैं, "अब मैं पहले से काफ़ी बेहतर महसूस करती हूं. मेरे मूवमेंट्स सीमित हो गए हैं. पहले से ज़्यादा स्टिफ़ हो गई हूं और ज़िंदगी का लुत्फ़ ले रही हूं."

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