नर्स को सेक्स टॉय वाला वीडियो दिखाने की सज़ा मिली

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एक नर्स को अपने सहकर्मी को आपत्तिजनक वीडियो दिखाने के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए सज़ा दी है. वीडियो एक महिला का सेक्स टॉय को निकालते हुए था.

44 साल के संजीव वर्गीज ने स्वीकार किया है वॉट्सऐप पर वीडियो फुटेज को उसने मैनचेस्टर के रॉयल इन्फर्मरी में सहकर्मियों को दिखाया था. यह मामला अक्टूबर 2014 का है. तब संजीव अपनी शिफ्ट पर थे.

सेक्स टॉय कर रहा था जासूसी

नर्सिंग एंड मिड्वाइफरी काउंसिल (एनएमसी) ने इस मामले में नंवबर में संजीव को दोषी पाया था, लेकिन उनकी अपील पर मामले को पेडिंग में रखा गया था. हाई कोर्ट के जज ने कहा है कि वह फ़ैसला सही था.

कोर्ट ने संजीव वर्गीज के मामले में सुनवाई की है. वह 20 सालों से यहां नर्स थे. संजीव ने वीडियो जब अपने सहकर्मियों को दिखाया था तब वह हॉस्पिटल के इन्डोस्कोपी यूनिट में काम पर थे.

एनएमसी की सुनवाई के दौरान एक पैनेल ने फुटेज को देखा. फुटेज में दिख रहा है कि एक महिला ट्रॉली पर घुटने टेककर सेक्स टॉय निकाल रही है.

कैंपस में सेक्स टॉय लिए क्यों घूम रहे हैं छात्र

वर्गीज ने इस बात से इनकार किया है कि वह वीडियो मज़ाकिया अंदाज़ में दिखा रहे थे. उन्होंने दावा किया कि वीडियो पेशेवर तरीके से दिखाया था. संजीव ने कहा कि उन्हें जिस दोस्त ने ये वीडियो भेजा था उसे ब्लॉक भी कर दिया. इस मामले में सबूतों की भी जांच की गई.

जस्टिस मोस्टनी ने पाया कि एनएमसी ने सुनवाई ईमानदारी और निष्पक्षता से की थी. एनएमसी की सुनवाई के दौरान एक सहकर्मी ने कहा था कि वीडियो देखने के बाद वह अंदर से काफ़ी आहत हुई थीं. एक और सहकर्मी ने कहा था कि वीडियो देखने के बाद उनका जी मिचलाने लगा था.

इस मामले में कोर्ट ने वर्गीज को सवा तीन लाख रुपए जुर्माना भरने के लिए कहा है. इसके पहले वर्गीज ने कहा कि था उन्हें इसके लिए काफ़ी दुख है. उन्होंने कहा कि ऐसा किसी ग़लत इरादे से नहीं किया था.

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