सेंट पीटर्सबर्ग हमला: 'रोशनी नहीं थी और खून ही खून बिखरा था'

  • 4 अप्रैल 2017

रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग में एक मेट्रो में हुए धमाके में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है. रूसी प्रधानमंत्री दिमित्रि मेदवेदेव ने इसे आतंकवादी हमला बताया है.

इमेज कॉपीरइट AFP

ये धमाका सेनाया प्लुचैड मेट्रो स्टेशन और इंस्टीच्यूट ऑफ़ टेक्नालॉजी के बीच में हुआ.

मेट्रो के जिस डिब्बे में धमाका हुआ उसके ठीक पीछे के डिब्बे में सफर कर रही पोलिना ने घटना के बारे में बताया.

पोलिना ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा, "कान के पर्दे फाड़ देने जैसा धमाका हुआ. फिर तीखी गंध और धुआं महसूस हुआ. लोग एक-दूसरे पर गिर रहे थे. दो महिलाएं अचानक से बेहोश हो गईं. ये सब कुछ हो रहा था और ट्रेन नहीं रुकी."

इमेज कॉपीरइट Reuters

जब आखिरकार ट्रेन स्टेशन पर पहुँची तब पता चला कि पड़ोस का डिब्बा क्षत-विक्षत हो चुका था. खिड़की के शीशे चकनाचूर हो गए थे और रोशनी नहीं थी और खून ही खून था.

सेंट पीटर्सबर्ग मेट्रो में धमाका और उसके बाद

फ्रांस में चरमपंथी हमला, 84 मौतें

इमेज कॉपीरइट EPA

लीवरपूल के ज़्यॉफ़ एडवर्ड्स सेंट पीटर्सबर्ग में काम करते हैं और रोज़ाना इंस्टीच्यूट ऑफ़ टेक्नालॉजी स्टेशन से मेट्रो में अपना सफर शुरू करते हैं. हालाँकि वो घटना के प्रत्यक्षदर्शी नहीं है, लेकिन जब धमाका हुआ तब वो घटनास्थल से सिर्फ़ एक चौथाई मील की दूरी पर थे.

68 साल के एडवर्ड्स ने बीबीसी से कहा, "अभी आसमान में हेलिकॉप्टर उड़ रहे हैं, मैं उनकी आवाज़ सुन सकता हूँ. एक सहयोगी ने मुझे बताया कि इनमें से एक हेलिकॉप्टर शवों को उठाने के लिए नीचे उतरा. जब मेट्रो में हर रोज़ सफर करने वाले लोगों की संख्या के बारे में सोचता हूँ तो ये काफी डरावना लगता है."

इमेज कॉपीरइट AFP

इस बीच, रूस की जाँच कमेटी की मेट्रो के ड्राइवर की तारीफ़ की है. जाँच अधिकारियों का कहना है कि ड्राइवर ने मेट्रो न रोककर सही फ़ैसला किया और स्टेशन आने पर ही ट्रेन रोकी.

इमेज कॉपीरइट AFP

संघीय जाँच प्राधिकरण ने वेबसाइट पर जारी अपने बयान में कहा कि ड्राइवर के इस फ़ैसले से कुछ और लोग हादसे का शिकार होने से बचे और घायलों को निकालने में मदद मिली.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)