अमरीकी हमले का आतंकी जश्न मना रहे हैं: ईरान

  • 8 अप्रैल 2017
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ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि सीरियाई एयरबेस पर अमरीकी हमले के कारण 'आतंकवादी' जश्न मना रहे हैं. रूहानी की यह टिप्पणी एक तरह से रूस के बयान की पुष्टि है. अमरीकी हमले के लेकर रूस ने भी यही बात कही है.

सीरिया के मामले में ईरान और रूस वहां की बशर अल असद सरकार के साथ हैं.

शुक्रवार को मिसाइल हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए थे. अमरीका ने मिसाइल हमला बुधवार को सीरिया में विद्रोहियों के कब्ज़े वाल ख़ान शेखौन शहर में हुए संदिग्ध रासायनिक हमले के बाद शुरू किया है.

इस कथित रासायनिक हमले में कम से कम 89 लोगों का जान गई है.

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सीरिया ने जहरीली गैस के इस्तेमाल से इनकार किया है. सीरिया का कहना है कि उसने मिसाइल हमला वहां किया जहां विद्रोहियों ने केमिकल हथियारों को संभालकर रखा है. इस बीच, ब्रिटेन के विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने रूसी दौरा टाल दिया है. उन्होंने कहा कि स्थिति बदल गई है.

उन्होंने कहा कि युद्धविराम के लिए वह अमरीका के साथ मिलकर काम करेंगे. सीरियाई राजधानी दमिश्क और पूरी दुनिया में लोग इस हमले के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि यहां सीरिया के ख़िलाफ़ अमरीका का युद्ध नहीं होना चाहिए.

सरकारी टेलीविज़न के ज़रिए रूहानी ने कहा, ''अमरीकी ऑफिस में जो आदमी अभी बैठा है वह दावा करता है कि आतंकवाद से लड़ना चाहता है. लेकिन आज सभी आतंकवादी सीरिया में अमरीकी हमले का जश्न मना रहे हैं. आपने आतंकवादियों को मदद क्यों की. पहले क़दम में ही आपने आतंकियों का समर्थन किया.''

सीरिया में विद्रोहियों के लिए ईरान 'आतंकवादी समूह' शब्द का इस्तेमाल करता है. दूसरी तरफ़ कई लोग अमरीका के समर्थन में सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ युद्ध में शामिल हैं. हालांकि ईरान ने संदिग्ध रासायनिक हमले की स्वतंत्र जांच की बात कही है.

अमरीका सीरिया में विद्रोहियों को हथियार, ट्रेनिंग और सैन्य सहायता मुहैया करा रहा है. वह इन विद्रोही ग्रुपों को संयमित बताता है. अमरीका सीरिया में 2014 से जिहादी ग्रुपों के ख़िलाफ़ हवाई हमले कर रहा है, लेकिन सरकारी सेनाओं को उसने पहली बार निशाना बनाया है.

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