सीरिया पर कौन अमरीका के साथ और कौन ख़िलाफ़?

  • 9 अप्रैल 2017
इमेज कॉपीरइट Reuters

सीरिया में संदिग्ध रासायनिक हमले के ख़िलाफ़ की गई अमरीकी कार्रवाई पर दुनिया भर के देशों की अलग-अलग प्रतिक्रिया रही है.

सीरिया पर अमरीकी हमले के बाद होगा तीन मुद्दों पर असर

अमरीकी हमले का आतंकी जश्न मना रहे हैं: ईरान

सीरियाई सेना ने पुष्टि की है कि इस हमले में सेना को काफ़ी नुकसान हुआ है और छह लोगों की मौत हो गई है.

इमेज कॉपीरइट AFP

'सड़कों पर लोगों का दम घुट रहा था, कई बच्चे थे'

अमरीका ने सीरिया पर किए हवाई हमले

होम्स के मेयर तलाल बाराज़ी ने बताया कि इस हमले में आम नागरिकों की मौत हो गई है.

उन्होंने बीबीसी से बातचीत में अमरीकी कार्रवाई की निंदा की और कहा कि उन्हें कोई अचंभा नहीं हो रहा कि अमरीका और इसरायल चरमपंथ का साथ दे रहे हैं.

सीरिया में अमरीका की सीधी कार्रवाई का कई देशों ने समर्थन किया है तो कई देशों ने इसकी आलोचना की है.

कौन दे रहा है अमरीका को समर्थन?

ब्रिटेन

इमेज कॉपीरइट Getty Images

ब्रिटेन की सरकार ने अमरीकी हमले का पूरा समर्थन किया है. ब्रितानी रक्षा मंत्री माइकल फ़ैलन ने अमरीकी कार्रवाई को सही और सीमित बताया.

बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में माइकल फ़ैलन ने कहा कि ब्रिटेन और अमरीका के बीच इन दिनों व्यापक स्तर पर बातचीत जारी है.

तुर्की

तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैयप अर्दोआन ने अमरीकी कार्रवाई को सीरिया में हो रहे कथित युद्ध अपराध का सही जवाब बताया है.

कैसे अपना लक्ष्य भेदती है टॉमहॉक मिसाइल

उनके प्रवक्ता इब्राहिम कालिन ने कहा, " शायरत एयरबेस की तबाही एक अहम क़दम है जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि आम लोगों पर रासायनिक और पारंपरिक हमलों की सज़ा दी जाए."

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सीरिया में नो-फ़्लाई ज़ोन और सुरक्षित हवाई क्षेत्र लागू किए जाएं.

इसरायल

इसरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर अमरीकी कार्रवाई का पूरा समर्थन किया है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

उनके बयान में कहा गया है, " राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने शब्दों और फ़ैसलों से कड़ा संदेश दिया है कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल और प्रसार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. "

इसरायल ने कहा है कि अमरीका के इस कदम से दमिश्क के साथ तेहरान और प्योंगयांग को भी कड़ संदेश जाएगा.

कौन से देश हैं अमरीकी कार्रवाई के ख़िलाफ़?

रूस

सीरियाई सरकार के मुख्य सैन्य सहयोगी रूस ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन करने वाली और मनगढ़ंत आधार पर की गई आक्रामक कार्रवाई बताया.

रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोफ़ ने अमरीका और रूस के पहले से खस्ताहाल संबंधों के गंभीर रूप से बिगड़ने की चेतावनी दी.

इमेज कॉपीरइट EPA

लेकिन रूस की संसद ड्यूमा ने संकेत दिए हैं कि अमरीकी कार्रवाई के बाद रूस अपने हमले तेज़ नहीं करेगा.

वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूस अमरीका के साथ हवाई सुरक्षा समझौते को निलंबित कर रहा है.

चीन

चीनी सरकार ने सीरिया में बिगड़ते हालात पर चिंता जताई है.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि किसी देश, संस्था, व्यक्ति की तरफ़ से किसी भी हालत में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का चीन विरोध करता है लेकिन सबसे ज़रूरी है कि सीरिया की हालत को और न बिगड़ने दिया जाए.

इमेज कॉपीरइट AFP

चीन सीरिया के गृहयुद्ध के राजनीतिक समाधान की बात तो करता है लेकिन वो रूस के साथ मिलकर सीरिया से जुड़े प्रस्ताव को वीटो कर चुका है.

ईरान

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थक ईरान ने अमरीकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है.

इमेज कॉपीरइट EPA
Image caption तेहरान की मस्जिदों में जूमे की नमाज़ के दौरान अमरीका विरोध नारे लगाए गए

ईरान की समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक़ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बाहरम क़ासेमी कहा कि अमरीकी कार्रवाई से सीरिया और इस क्षेत्र में चरमपंथियों को बल मिलेगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे