'मैं चाहती थी कि मेरा बच्चा जल्दी मर जाए'

  • 11 अप्रैल 2017
एशले टोपले और उनके पति इमेज कॉपीरइट BBC Newsbeat

एशले टोपले जब साढ़े चार महीने की गर्भवती थीं तो उन्हें पता चला कि उनका बच्चा ज़िंदा नहीं बच पाएगा.

"मेरी तो सारी दुनिया ही एकबारगी ढह गई." एशले कुछ ऐसे ही याद करती हैं उन पलों को.

ये बात 2013 की है जब एक डॉक्टर उनके पास आए और उन्हें जानकारी दी कि उनके गर्भ में जो बच्चा है वो ठीक तरीके से विकसित नहीं हो रहा है और वो बचेगा नहीं.

एशले चूंकि नार्थर्न आयरलैंड में रहती थीं तो वो अबार्शन नहीं करा सकती थीं. यहाँ गर्भपात ग़ैर क़ानूनी है. गर्भपात तभी हो सकता है अगर माँ की जान को ख़तरा है या वो ये साबित कर पाए कि उसके शाारिक या मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर ख़तरा है.

ये नियम सिर्फ नार्थर्न आयरलैंड में ही था.

एशले कहती हैं कि जब उन्हें ये पता चला तो बिल्कुल सदमे में आ गई थीं.

बीबीसी न्यूज़बीट से वो कहती हैं, ''मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मुझे इस टार्चर का सामना करना पड़ेगा. मेरा बच्चा मरने वाला था लेकिन फिर भी मुझे तब तक गर्भवती रहना था जब तक वो बच्चा खत्म न हो जाए. ''

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यातना का दौर

यातना का ये दौर पंद्रह हफ्तों का रहा.

इन पंद्रह हफ्तों में एशले का पेट बढ़ता रहा और लोग उनसे उसके होने वाले बच्चे के बारे में पूछते रहे कि बेटा होने वाला है ये बेटी ? क्या बच्चा पैर मारता है ?

एशले कहती हैं, ''सोचिए कैसा लगता होगा. मुझे पता था कि ये बच्चा बचेगा नहीं. मैं क्या कहती लोगों से .मैं बस चाहती थी कि ये किसी तरह जल्दी खत्म हो जाए. ये मुश्किल था. मेरे मन का एक हिस्सा कहता था कि मेरा बच्चा जल्दी मर जाए, आख़िर में यही हो होना था. ''

आखिरकार जब एशले 15 हफ्ते के गर्भ में गई तो उन्हें दर्द हुआ और बच्चे के दिल की धड़कनें रूक गईं.

एशले कहती हैं कि वो दिन उनके लिए सूकून का था. अशले और उनके पति ने बच्चे का नाम केटी रखा था.

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फिर मां बनी एशले

आगे चलकर एशले फिर से मां बनी और इस समय उनकी बेटी की उमर एक साल है.

अब एशले और उनके पति चाहते हैं कि गर्भ और अबार्शन से जुड़े नियमों में बदलाव हो.

एशले कहती हैं, 'मैं इसलिए बात कर रही हूं और लोगों को अपने दुख के बारे में बता रही हूं ताकि नियम बदल सकें नार्थर्न आयरलैंड में.'

वो कहती हैं कि उन्हें भी नहीं पता कि वो कैसे गुजरी हैं अनुभव से.

हालांकि अब वो अपनी बेटी के साथ पुराने दुख को भूल चुकी हैं लेकिन वो चाहती हैं कि कम से कम राजनेता नार्थर्न आयरलैंड में इससे जुड़े नियमों को बदलें.

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