बांग्लादेश ने हूजी नेता को फांसी पर लटकाया

  • 13 अप्रैल 2017
अब्दु्ल हन्नान इमेज कॉपीरइट AFP

बांग्लादेश ने एक शीर्ष ब्रिटिश राजदूत को ग्रेनेड हमले में जख़्मी करने के एक दशक बाद एक इस्लामिक चरमपंथी को फांसी दे दी है. इस हमले में तीन लोग मारे गए थे.

हरकतुल जिहाद अल इस्लामी मुफ़्ती (हूजी) के नेता अब्दुल हन्नान को उनके दो सहयोगियों के साथ बुधवार को फांसी दे दी गई.

सभी को 2014 में सिलहट में 14वीं सदी के सूफी दरगाह पर हमला करने में दोषी ठहराया गया था.

हमले में ब्रिटिश उच्चायुक्त अनवर चौधरी जख़्मी हो गए थे. चौधरी का जन्म सिलहट में ही हुआ था.

इस वक़्त चौधरी पेरू में ब्रिटिश राजदूत हैं. उन्होंने एएफपी न्यूज़ से कहा, ''बम मेरे पेट पर आ गिरा था, लेकिन तब विस्फोट नहीं हुआ था. मैं डिस्ट्रिक्ट चीफ के पैर के पास ज़मीन पर गिर गया था. इसके ठीक बाद बम फटा था.''

हन्नान हूजी में शामिल होने से पहले अफ़गानिस्तान में सोवियत के ख़िलाफ़ लड़ रहे थे.

हन्नान पर कई हमलों के आरोप थे. अभियोक्ताओं का कहना है कि हन्नान 1990 के दशक से हूजी नेता थे. हालांकि बुधवार को हन्नान की पत्नी ने कहा कि वह बेगुनाह थे. पिछले महीने चरमपंथियों ने क़ैदियों को ले जा रही एक गाड़ी पर बम फेंका था. कहा रहा है कि यह हन्नान को छुड़ाने की कोशिश थी.

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